Chaibasa (Ramendra kumar Sinha) : पश्चिम सिंहभूम जिले में खरीफ फसल की पूरी खेती वर्षा पर आधारित है. वर्षा समय पर और अच्छी होती है तो धान की फसल भी अच्छी होती है. इस बार जून महीने में 167 एमएम वर्षा के विरुद्ध मात्र 82 में वर्षा दर्ज किया गया है. पिछले दिनों हुई वर्षा से कृषकों ने धान रोपने के लिए अपने खेतों को तैयार कर दिया है, अब बारिश का इंतजार कर रहे हैं. ताकि वर्षा होने के बाद खेतों में नमी आ जाए और वह धान के बीज अपने-अपने खेतों में छींट सकें. इसे भी पढ़ें :बहरागोड़ा">https://lagatar.in/bahragora-villagers-are-forced-to-walk-on-the-bad-road-2/">बहरागोड़ा
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कृषक भी मायूस
अभी तक वर्षा नहीं होने के कारण कृषक भी मायूस है. नरसंडा पंचायत के कृषक राम सिंह सुंडी ने बताया कि जिले में अधिकांश कृषक छींटा विधी से धान की खेती करते है. कृषको ने धान की खेती के लिए खेत को तैयार कर दिया है अब इंतजार हो रहा है वर्षा का. धान के बीज को छींटा जा सके, पर अभी वर्षा नहीं के बराबर हो रही है. बारिश नहीं होने से किसान भी मायूस है .क्योंकि कृत्रिम सिंचाई की ज्यादा सुविधा उपलब्ध नहीं है जो भी है वह प्रकृति पर ही आधारित है. इसे भी पढ़ें :गुड़ाबांदा">https://lagatar.in/gudbanda-water-tower-in-situmdih-bad-for-one-year/">गुड़ाबांदा: सितुमडिह में जलमीनार एक वर्ष से खराब [wpse_comments_template]
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