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चाईबासा : सरकार ने भूमि बैंक में जमा जमीन हस्तांतरण के लिए बनाई कमेटी, विरोध शुरू

 
Chaibasa (Sukesh kumar) : पहले तो भाजपा के रघुवर दास की सरकार ने झारखंड के खूंटकटी सामुदायिक जमीन को भूमि बैंक में जमा किया. अब महागठबंधन की हेमंत सरकार उस जमीन को हस्तांतरण करने के लिए नयी नीति बनाने में लगी है. इसके लिए पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया गया है. झारखंड पुनरुत्थान अभियान हेमंत सरकार के इस निर्णय का विरोध करती है. यह बातें झारखंड पुनरुत्थान अभियान के मुख्य संयोजक सन्नी सिंकु ने चाईबासा के माडकमहातु आवास में आयोजित एक बैठक में उपस्थित सदस्यों को संबोधित करते हुए कही. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-jgi-launches-vertical-facility-of-online-class-is-available-like-offline/">जमशेदपुर

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अधिकार हनन का लगाया आरोप

उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में हुए विधानसभा चुनाव से पूर्व महागठबंधन ने रघुवर सरकार द्वारा 13 मई 2016 को जारी पत्र के आलोक में झारखंड के खूंटकटी सामुदायिक जमीन को अवैध जमाबंदी घोषित करते हुए इसे रद्द करने के बाद भूमि बैंक में जमा जमीन को सत्ता में आते ही रद्द करने की घोषणा की थी. परंतु हेमंत सरकार भूमि बैंक में जमा लगभग 12 लाख एकड़ जमीन को रद्द नहीं कर सकी. अब भूमि बैंक में जमा जमीन का हस्तांतरण करने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित की है. इससे झारखंड के पारंपरिक प्रथागत स्वशासन प्रणाली के तहत मानकी-मुंडा, मांझी-परगना, ग्राम प्रधान, ठेकेदार, पढ़ाह पंचायत, पढह राजा, डोकलो सोहोर जैसे रिकॉर्ड ऑफ राइट के तहत प्राप्त अधिकार का हनन होगा. बैठक में झारखंड पुनरुत्थान अभियान के संयोजक अमृत मांझी, अजम्बर सुरीन, ओयबन बोइपाई, धनसिंह पूर्ति, बहादुला सुरीन और अन्य उपस्थित थे. [wpse_comments_template]
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