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चाईबासा : अस्पताल मैनेजर ने सदर अस्पताल में अनाथ बच्चे को चाय बेचने से रोका

 
  • गालूबासा का शुगर पीड़ित बच्चा दो वक्त की रोटी के लिए भटक रहा
  • पिता की हुई हत्या, मां की मौत दो साल पूर्व सड़क हादसे में हो गई, नहीं मिला मुआवजा
Chaibasa (Sukesh Kumar) : सदर अस्पताल परिसर में ठेले पर चाय बिस्कुट बेचकर अपना पेट भर रहे मुफ्फसिल थाना क्षेत्र अंतर्गत गालूबासा का अनाथ व शुगर रोग से पीड़ित 20 वर्षीय यादव बानरा को अस्पताल प्रबंधन ने अस्पताल परिसर में ठेला लगाने पर प्रतिबंध लगा दिया है. इसके बाद वह अपना पेट पालने के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है. शुगर रोग से पीड़ित बच्चे का इलाज सदर अस्पताल में ही चल रहा था. युवक का शरीर काफी कमजोर हो चुका है. इसे भी पढ़ें : पूर्व">https://lagatar.in/ed-will-interrogate-former-cm-hemant-soren-for-the-second-day-interrogation-for-4-hours-on-the-first-day/">पूर्व

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इस कारण कहीं भी वह मजदूरी नहीं कर पा रहा है. इस कारण चाईबासा सदर विधायक दीपक बिरूवा ने उसे एक ठेला खरीद कर दिया था. उसे पूंजी देकर सदर अस्पताल में चाय बेचने के लिए कहा था. कुछ दिन तक चाय बेचने के बाद अस्पताल प्रबंधक ने उसे परिसर से हटा दिया है. गौर करने वाली बात यह है कि अस्पताल परिसर में पिछले कई सालों से दो-दो लोग चाय बेच रहे थे, जिसमें से एक अभी भी सार्वजनिक शौचालय में चाय बेच रहा है. लेकिन अस्पताल प्रबंधन को इस पर कोई आपत्ति नहीं है. युवक ने बताया कि वह गांव के स्कूल में पांचवीं कक्षा तक की पढ़ाई की है. कुछ साल पूर्व उसके पिता रांधो बानरा की गांव के ही लोहा चोरों ने हत्या कर दी थी. इसे भी पढ़ें : विधायक">https://lagatar.in/broker-trading-case-crime-branch-team-reached-atishis-house-camp-office-officer-took-notice/">विधायक

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वहीं राजनगर क्षेत्र में पिछले 2 साल पूर्व मजदूरों से भरा पिकअप वैन के पलटने से उसकी मां सीनी बानरा की मौत हो गई थी. वह अपने माता-पिता की इकलौती संतान है. पिता की हत्या किए जाने तथा मां की सड़क हादसे में मौत के बावजूद उसे कोई मुआवजा नहीं मिला है. उसका घर तथा खेत है, लेकिन उसे पिता के हत्यारों से जान का खतरा है. इस कारण वह गांव जाना नहीं चाहता है. अस्पताल प्रबंधक आशीष कुमार ने कहा कि मेरी नौकरी का सवाल है. अस्पताल परिसर में हम ठेला नहीं लगाने देंगे. अनाथ बच्चे के जीवन यापन के लिए अन्य कोई वैकल्पिक व्यवस्था की जा सकती है. [wpse_comments_template]
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