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चाईबासा : 22 वर्षों में कोई भी सरकार नियोजन नीति की दिशा में कदम नहीं बढ़ा सकी : सन्नी सिंकु

Chaibasa (Sukesh Kumar) : टाटा कॉलेज आदिवासी हॉस्टल के कॉमन रूम में प्रीफेक्ट बीरू गागराई की अध्यक्षता में शुक्रवार को आवश्यक बैठक हुई. वीरू गागराई ने अखबार में प्रकाशित समाचार के आधार पर झारखंड सरकार द्वारा 2016 के पूर्व की नियोजन नीति के आधार पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने विषय पर छात्रों को विस्तार से बताया. मौके पर टाटा कॉलेज के आदिवासी हॉस्टल में रहकर ही उच्च शिक्षा ग्रहण करने वाले पूर्व छात्र नेता गैर राजनीतिक सामाजिक संगठन झारखंड पुनरुत्थान अभियान के संयोजक सन्नी सिंकु ने छात्रों को बताया कि झारखंड अलग राज्य की लड़ाई में टाटा कॉलेज आदिवासी हॉस्टल व जनरल हॉस्टल की बहुत बड़ी भूमिका रही है. झारखंड को एक अलग राज्य का अस्तित्व तो मिला. लेकिन जिस उद्देश्य से झारखंड अलग राज्य की स्थापना की गई थी वह सपना आज तक पूरा नहीं हो सका. इसे भी पढ़े : नोवामुंडी">https://lagatar.in/noamundi-farewell-given-to-10th-class-students-at-dav-public-school-guava/">नोवामुंडी

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राज्य में संसाधन की लूट बदस्तूर जारी

झारखंड में पेसा कानून को लागू नहीं किया जा सका. झारखंड की पारंपरिक स्वशासन प्रणाली को नौकरशाह द्वारा विकृत किया जा रहा है. नियोजन और स्थानीय नीति 22 वर्षों में प्रवासी नौकरशाह के हाथों षड्यंत्र की भेंट चढ़ते रहा. झारखंड में संसाधन की लूट बदस्तूर जारी है. खूंटकट्टी झारखंडी जमीन से बेदखल और विस्थापन का दंश झेल रहा है. इसलिए अब अपनी अस्तित्व की बचाव करने के लिए संघर्ष करना जरूरी है. पूर्व बैंक कर्मी व झारखंड पुनरुत्थान अभियान के संयोजक अमृत मांझी ने हेमंत सरकार से नौकरी में उम्र सीमा का आधार वर्ष 2000 निर्धारित करने की मांग की. बैठक को हॉस्टल के सीनियर छात्र दीपक नायक, सुधीर सिंकु, दीपेश बिरुआ, ठाकुर टुडू, लक्ष्मीकांत मुखी, विवेक मुंडरी ने भी संबोधित किया. बैठक में हॉस्टल के सैकड़ों छात्र उपस्थित थे. [wpse_comments_template]

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