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आने वाले समय में गुरु और शिष्य के संस्कारी रिश्ते इतिहास बन कर रह जायेंगे-डॉ. मुरारी
प्रोफेसर डॉ. मुरारी लाल ने कहा कि छात्र समुदाय को वर्तमान समाज वह नैतिक शिक्षा नहीं दे पा रहा है्, जो कभी समाज से छात्र समुदाय को यह शिक्षा मुफ्त में मिला करती थी. पहले के छात्र-छात्राओं को घर तथा समाज से इतने अच्छे संस्कार मिलते थे और वे उसी संस्कार को लेकर विद्यायल और महाविद्यालय जाया करते थे. और वहां सभी दोस्तों में घर और समाज से मिले संस्कार को बांटा करते थे. जिससे विद्यालय और महाविद्यालय में एक संस्कार के माहौल का जन्म होता था. वर्तमान स्थिति में यदि गुरु और शिष्य के रिश्तों को संस्कार में नही ढाला गया तो आने वाले समय में गुरु और शिष्य के संस्कारी रिश्ते इतिहास बन कर रह जायेंगे. आज पूरे समाज को आगे आना होगा सभी को अपने स्तर से इस रिश्ते को बचाने का प्रयास करना चाहिए. इसे भी पढ़ें :बंदगांव">https://lagatar.in/bandgaon-awareness-campaign-launched-to-link-voter-card-with-aadhaar/">बंदगांव: वोटर कार्ड को आधार से लिंक कराने के लिए चलाया गया जागरुकता अभियान [wpse_comments_template]

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