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चाईबासा : नगरपालिका बंगला मध्य विद्यालय में बच्चों को पॉक्सो एक्ट की दी गई जानकारी

 
Chaibasa (Sukesh Kumar) : आदर्श नगरपालिका बंगला मध्य विद्यालय चाईबासा में गुरुवार को बाल यौन शोषण संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम, 2012 के प्रावधानों पर स्कूली बच्चों के बीच जागरुकता सत्र का आयोजन किया गया. झारखंड काउंसिल फॉर एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग एवं झारखंड शिक्षा परियोजना की अगुवाई एवं सेंटर फॉर कैटालाइजिंग चेंज के तकनीकी सहयोग से विद्यालय स्वास्थ्य एवं कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत इस सरकारी विद्यालयों में स्वास्थ्य एवं आरोग्य दूतों द्वारा “बाल यौन शोषण संरक्षण अधिनियम, 2012 पर छात्र- छात्राओं के बीच जागरुकता सत्र का आयोजन विद्यालय के सभागार में पूर्वाह्न 11.30 बजे किया गया. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/02/Chaibasa-POCSO.jpg"

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सत्र का मुख्य उद्देश्य छात्र- छात्राओं को उक्त अधिनियम के मुख्य प्रावधानों से अवगत कराना एवं विद्यालय के स्तर पर बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण को सुनिश्चित करना था. सत्र के दौरान अधिनियम के तहत यौन अपराधों की विस्तृत परिभाषा के बारे में बताया गया. विद्यालय के हेल्थ एवं वेलनेस कार्यक्रम की शिक्षिका अलका किरण, मीनाक्षी सहाय एवं सेंटर फॉर काटेलाइजिंग चेंज की प्रतिनिधि काजल कुमारी ने बच्चों को बताया कि बाल यौन शोषण सिर्फ बलात्कार ही नहीं अपितु बच्चों के किसी भी अंग को गलत तरीके से छूना, निजी अंगों पर टिप्पणी करना, गलत तस्वीर दिखाना तथा अन्य वैसे सभी प्रकार के शारीरिक संपर्क जिससे बच्चे असहज महसूस करें, बाल यौन शोषण की श्रेणी में आते हैं. बताया गया कि ऐसी घटनाओं की शिकायत करने में वे संकोच नहीं करें. इसे भी पढ़ें : कलश">https://lagatar.in/sri-sri-shiva-pran-pratishtha-mahayagya-begins-in-chechkappi-with-kalash-yatra/">कलश

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मालूम हो कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो, भारत सरकार के आंकड़ों के अनुसार लगभग 50 प्रतिशत बच्चे यौन शोषण का शिकार हो रहे हैं और इनमें से लगभग दो तिहाई बच्चे भय और संकोच के कारण अपने साथ हुए यौन शोषण की शिकायत नहीं करते हैं. सत्र के उपरांत छात्र-छात्राओं ने संकल्प लिया कि वे बाल यौन शोषण से संबंधित घटनाओं की शिकायत बिना किसी भय एवं घबराहट के साथ करेंगे. उक्त जागरुकता सत्र में विद्यालय के वर्ग 6 से वर्ग 8 के लगभग 128 छात्र-छात्राएं शामिल थे. [wpse_comments_template]
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