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चाईबासा : पीडब्ल्यूडी के गेस्ट हाउस में चल रहा जगन्नाथपुर डिग्री कॉलेज

Chaibasa (Sukesh Kumar) : जगन्नाथपुर डिग्री कॉलेज का हाल बेहाल हो गया है. स्थापना काल से ही यह कॉलेज पीडब्ल्यूडी के गेस्ट हाउस में चल रहा है. मात्र चार कमरों में विद्यार्थियों की पढ़ाई हो रही है. शिक्षकों के लिए अलग से बैठने की व्यवस्था तक नहीं है. लगातार समस्याओं से जूझ रहे इस कॉलेज में लगभग 350 विद्यार्थी अध्ययन करते हैं. लेकिन सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं है. 2021–23 सत्र में 259 विद्यार्थियों का नामांकन विभिन्न विषय में हुआ है. लेकिन अभी तक इन विद्यार्थियों के लिए नियमित रूप से कक्षाएं उपलब्ध नहीं हो पाई है. कुछ विद्यार्थी ऐसे होते हैं जो कॉलेज आते तो हैं, लेकिन क्लास भर जाने की वजह से उनको जगह नहीं मिल पाती है और वापस चले जाते हैं. [caption id="attachment_423461" align="aligncenter" width="600"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/09/Chaibasa-Degree-Collage-1-1.jpg"

alt="" width="600" height="713" /> सीढ़ी के नीचे ही लगा प्राचार्य का कुर्सी.[/caption]
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ग्रामीण क्षेत्र में उच्च शिक्षा को बढ़ाने के उद्देश्य से कॉलेज की हुई थी स्थापना

इस तरह की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय से मांग की है कि जगन्नाथपुर डिग्री कॉलेज की स्थिति में सुधार किया जाए. साथ ही नए भवन में शिफ्ट करने पर विचार किया जाए. ताकि विद्यार्थियों को बुनियादी सुविधाएं मिल सके. जगन्नाथपुर क्षेत्र के ग्रामीणों में उच्च शिक्षा को बढ़ाने देने के उद्देश्य से हीं नए डिग्री कॉलेज की स्थापना को लेकर सरकार ने स्वीकृति प्रदान की थी. जिसके बाद कोल्हान विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस कॉलेज की स्थापना की गई थी ताकि ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए बड़े शहरों के चक्कर न लगाने पड़े. इसे भी पढ़ें : चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-students-of-bed-department-of-womens-college-leave-for-visakhapatnam-on-educational-tour/">चाईबासा

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कई डिग्री कॉलेज के भवन अब भी अधूरे हैं

अपने क्षेत्र में ही विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा मिल सके. स्नातक व स्नातकोत्तर की पढ़ाई इसी कॉलेज में हो इसको लेकर सरकार ने भी कई पहल शुरू किए थे. प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक 1–1 डिग्री कॉलेज की स्थापना की गई है. लेकिन कुछ विधानसभा क्षेत्र में इसके लिए अलग भवन बनाया गया था जो शिफ्ट भी हो चुके हैं. लेकिन कुछ नए डिग्री कॉलेजों के भवन अब भी अधूरे पड़े हुए हैं, जबकि कुछ ऐसे भवन हैं जो पूरा होने के बावजूद भी वहां शिफ्ट नहीं हुए हैं. इसे भी पढ़ें : चाकुलिया">https://lagatar.in/chakulia-discipline-among-students-is-necessary-for-success-dr-goswami/">चाकुलिया

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नये भवन के हैेंडओवर नहीं मिलने के कारण इसी भवन में हो रही है पढ़ाई

जगन्नाथपुर डिग्री कॉलेज अपने स्थापना काल से ही पीडब्ल्यूडी के भवन में चल रहा है. नया भवन का निर्माण तो हो चुका है. लेकिन अभी तक हैंडओवर नहीं मिलने के कारण इसी भवन में ही पढ़ाई हो रही है. विद्यार्थियों के लिए बुनियादी सुविधाएं नहीं है. विद्यार्थियों को पढ़ाने में परेशानी तो होती है. लेकिन जब तक भवन का उद्घाटन नहीं होता तब तक तो इसी में पढ़ाना होगा. शिक्षकों के लिए भी अलग से कमरा नहीं है. सीढ़ी के नीचे ही एक टेबल और बेंच लगाकर बैठा जाता है.

विकास कुमार मिश्रा, प्रभारी प्रिंसिपल, जगन्नाथपुर डिग्री कॉलेज

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