विधानसभा उपचुनाव : उपायुक्त माधवी मिश्रा और एसपी पीयूष पांडेय ने किया मतदान
सभी ने किया हर्ष व्यक्त किया
बचपन में पढ़ाई -लिखाई से जी चुराने वाले एकलव्य की मानसिकता से लेखन करते -करते लेखक बने जवाहर ने हो भाषा-साहित्य की बहुपयोगी पुस्तक हो हयम ओंडो: सनागोम सारंडा सकम``, का वार्षिक पत्रिकाओं का संपादन का कार्य किया है. इसके अलावा इन्हे आदिवासी हो भाषा साहित्य संस्कृति पर विभिन्न सेमिनारों के लिए आलेख लेखन करने का अनुभव प्राप्त है. राज्य स्तर पर अखबार में सेयां मरसल उलगुलान और अडाकन हो सरीखे जागरूकता पर आधारित कविताएं प्रकाशित हो चुकी है. साहित्यकार जवाहरलाल के काव्य संग्रह का विमोचन देश की राजधानी में होने पर बीडीओ साधुचरण देवगम, प्रोफेसर बलभद्र बिरुवा, जगन्नाथ हेस्सा,सालेन पाट पिंगुवा,कृष्णा देवगम,रांधो देवगम,दुंबी दिग्गी, विमल किशोर बोयपाई, संजय कुमार जारिका, सिंगराय बोदरा, दिलदार पुरती,सिकंदर बुड़ीउली,राकेश जोंको आदि ने हर्ष व्यक्त किया है. इसे भी पढ़ें :न्यायिक">https://lagatar.in/judicial-impartiality-means-favoring-justice/">न्यायिकनिष्पक्षता का अर्थ है न्याय की पक्षधरता [wpse_comments_template]

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