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कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की दी चेतावनी
आदिवासी हो समाज युवा महासभा की टीम ने बताया कि शिक्षकों को जानकारी है कि झारखण्ड में आदिवासियों की आबादी सबसे ज्यादा है. जिसमें सरना धर्मावलंबी लोग हैं. इसके बावजूद शिक्षकों के द्वारा ऐसा गलती करना या षड़यंत्र रचने से आदिवासी समुदाय में काफी आक्रोश है. इसमें सुधार हेतु राज्य सरकार एवं विभाग के अधिकारियों को महासभा की ओर से पत्र लिखने का निर्णय लिया गया है . महासभा ने इस पर उचित कार्रवाई न होने की स्थिति में विभिन्न सामाजिक संगठन के तत्वधान में आंदोलन की चेतावनी दी है. इसके साथ बैठक में आगामी आठ सितम्बर को गुवा गोलीकांड के शहीदों को बाईक रैली के माध्यम से जाकर आदिवासी हो समाज युवा महासभा की ओर से श्रद्धांजलि देने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया. इसे भी पढ़ें : चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-separate-officer-quarters-will-be-built-for-tata-college-retirement-age-may-increase-for-non-teaching-employees/">चाईबासा: टाटा कॉलेज के लिए अलग से बनेगा ऑफिसर क्वार्टर, शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की बढ़ सकती है रिटायरमेंट की उम्र
प्रकृति के संरक्षण को लेकर पौधरोपण करने का निर्णय
इसके ठीक दूसरे तरफ आदिवासी हो समाज युवा महासभा के तत्वाधान में प्राकृतिक आस्था स्थलों के सम्मान तथा प्रकृति के संरक्षण के हितों के लिए ट्राईबल एजी लिमिटेड के सौजन्य से महासभा कैम्पस हरिगुटू चाईबासा में ग्रामीणों के बीच पौधा वितरण किया गया. पौधा प्राप्त करनेवाले सभी ग्रामीणों को आदिवासी हो भाषा में युवा महासभा की ओर से शपथ दिलाया गया. इसे भी पढ़ें : नोवामुंडी">https://lagatar.in/noamundi-madheshia-vaishya-samaj-worshiped-baba-ganinath-with-gaiety/">नोवामुंडी: मधेशिया वैश्य समाज ने उल्लास के साथ की बाबा गणिनाथ का पूजा

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