Chaibasa : पश्चिम सिंहभूम जिले के सभी हाट बाजार से राजस्व वसूल करने तथा उन हाट बाजारों में व्यापारियों और ग्राहकों के लिए सुविधा मुहैया कराने वाली बाजार समिति की स्थिति आज काफी खस्ताहाल और दयनीय हो गई है . कभी जिले के सभी हाट बाजारों से 30 से 40 लाख रुपये का राजस्व प्रति महीने वसूल करने वाली बाजार समिति आज महज मंगला बाजार के 65 दुकानों पर निर्भर है. वह भी इन दुकानों का किराया भुगतान पुरानी दर पर हीं किया जा रहा है . जिस तरह से उनका एग्रीमेंट हुआ था.
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पश्चिम सिंहभूम जिले के बाजार समिति 36 हाट बाजारों को संचालित करती थी और उससे प्राप्त राजस्व से वहां के हाट बाजारों में पानी शेड दुकान आदि का निर्माण किया जाता था ताकि दुकानदार यहां बैठकर अपने सामान की बिक्री कर सके पर जब से बाजार समिति खास्ताहाल हुई है तथा बाजारों से इसका नियंत्रण हटा है तब से हाट बाजारों में सुविधाएं भी घटी है. तथा अन्य अप्रिय घटना भी घटित होते रहती है.
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आज जिले के सभी हाट बाजारों में बाजार समिति के द्वारा तैयार कराए गए सेड, पीने के पानी के लिए चापाकल तथा व्यापारियों के सामान रखने के लिए जो जगह बनवाए गए थे वह सब अब खंडहर में तब्दील हो गए है . बाजार समिति का दायरा बाजार समिति के कार्यालय तथा मंगला हाट स्थित 65 दुकानो तक ही रह गया है. इस संबंध में बाजार समिति में कार्यरत सचिव शंकर खलको भी कुछ नहीं कहते है . [wpse_comments_template]
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