Chaibasa (Sukesh kumar) : झारखंड शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद द्वारा प्रकाशित सरकारी विद्यालयों के कक्षा तीन से पांच तक के गणित और पर्यावरण विज्ञान के पाठ्य पुस्तकों का हो भाषा में अनुवाद किया जाएगा. इसकी जिम्मेदारी पश्चिमी सिंहभूम के हो समुदाय के सरकारी स्कूलों के शिक्षक-शिक्षिकाओं को दी गई है. इसके लिए परिषद के निदेशक किरण कुमारी पासी ने पत्र जारी कर इसकी पुष्टि की है. आगामी 30 जनवरी से चार फरवरी तक जिले के 12 शिक्षक-शिक्षिकाओं कृष्णा देवगम, जोन जानसिंह जोंको, विमल किशोर बोयपाई, संजय कुमार जारिका, दामु सुंडी, जगदीश सावैयां, मंगल सिंह मुंडा, विद्यासागर लागुरी, नीता तियू, लिंडावेंस बिरुवा और मेरी सरिता पूर्ति का प्रतिनियोजन गृह से कार्य करने हेतु किया गया है. इसे भी पढ़े : तांतनगर">https://lagatar.in/tantnagar-op-in-charge-got-the-orphaned-girl-child-enrolled-in-the-school-after-her-grandparents-murder/">तांतनगर
: दादा-दादी की हत्या के बाद अनाथ हुई बच्ची का ओपी प्रभारी ने स्कूल में कराया दाखिला अनुवाद कार्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 के तहत प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों को मातृभाषा आधारित शिक्षा प्रदान करने के प्रावधान के अनुरूप किया जाना है. झारखंड में पांच जनजातीय भाषा- संथाली, कुड़ुख, मुंडारी, हो और खड़िया में कक्षा तीन से पांच के गणित और पर्यावरण विज्ञान के पाठ्य पुस्तकों का अनुवाद करने का कार्य किया जा रहा है. [wpse_comments_template]
चाईबासा : सरकारी विद्यालयों के गणित व पर्यावरण विज्ञान के पाठ्य पुस्तकों का हो भाषा में होगा अनुवाद

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