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चाईबासा : ऑक्सीजन प्लांट में किया गया मॉक ड्रिल, सीए सहित अनेक कर्मी हुए शामिल

 
Chaibasa (Ramendra Kumar Sinha) : कोरोना के मामले एक बार फिर बढ़ने लगे हैं. इसको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम अपनी व्यवस्था को दुरुस्त करने में जुट गई है. पश्चिमी सिंहभूम जिले में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट्स में आज मॉक ड्रिल किया गया. कोरोना काल के दौरान जब ऑक्सीजन के लिए मारामारी मची हुई थी उसी दौरान इस समस्या से निजात पाने के लिए ऑक्सीजन प्लांट्स लगाए गए थे. पश्चिमी सिंहभूम जिले में चाईबासा सदर अस्पताल के साथ अन्य पांच जगहों चक्रधरपुर, मनोहरपुर, खूंटपानी, जगन्नाथपुर और कुमारडुंगी में ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए. इसको चलाने के लिए बाकायदा टेक्नीशियन रखे गए थे. राज्य सरकार से निर्देश प्राप्त होने के बाद आज सभी ऑक्सीजन प्लांट में मॉक ड्रिल किया गया. इसे भी पढ़ें : डुमरिया">https://lagatar.in/dumariya-culvert-sinks-in-kundaluka-increased-apprehension-of-accident/">डुमरिया

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मई 2022 में सभी टेक्नीशियन को हटा दिया गया

उल्लेखनीय है कि जिले में लगाए गए ऑक्सीजन प्लांट को चलाने के लिए प्रशिक्षित टेक्नीशियन को रखा गया था. जिन्हें 405 रुपये प्रतिदिन के आधार पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से भुगतान किया जाता था. लेकिन मई 2022 में सभी टेक्नीशियन को हटा दिया गया. जबकि राज्य मिशन डायरेक्टर का स्पष्ट निर्देश था कि हर महीने ऑक्सीजन प्लांट का मॉक ड्रिल करना है और उसकी रिपोर्ट राज्य स्तर पर गूगल सीट में भेजनी है. जब टेक्नीशियन को हटा दिया गया है तो ऑक्सीजन प्लांट को संचालित कैसे किया जा रहा है. जब सिविल सर्जन डॉक्टर साहिर पॉल से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि थोड़ी सी जानकारी देने के बाद कोई भी टेक्नीशियन इस मशीन को चला सकता है. कोई तकनीकी समस्या होने पर कंपनी के इंजीनियर उसका समाधान करते हैं. [wpse_comments_template]
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