: स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मलेरिया प्रभावित क्षेत्र छोटानागरा का किया दौरा\
व्यवस्था दुरुस्त करने का हो रहा प्रयास
सरकार की ओर से निर्धारित कार्यक्रम के तहत कई कैदी को रिहा किया जाएगा. इसको लेकर अभियान चलाया जा रहा है. चाईबासा में अधिक कैदी रखने का मामला पिछले कई वर्षों से चल रहा है. एक समय में यहां 1000 तक कैदी पहुंच चुके थे. लेकिन इधर-उधर के जेल में शिफ्ट करने के बाद वर्तमान समय में कैदियों की संख्या घटकर 850 तक हो गई है. इसे भी पढ़ें : आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-gas-pipeline-damaged-in-ward-23-councilor-raised-voice/">आदित्यपुर: वार्ड 23 में गैस पाइप लाइन को किया क्षतिग्रस्त, पार्षद ने उठाई आवाज मालूम हो कि क्षमता से अधिक कैदी होने से जेल प्रशासन को कई बार काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. जेल मैनुअल के अनुसार कैदियों को मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं. क्षमता से अधिक कैदियों रखने का मामला को दूर करने को लेकर लगातार प्रशासन की ओर से प्रयास किया जा रहा है, अब न्यायाधीशों की ओर से भी पहल की जा रही है. [wpse_comments_template]

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