स्कूल ऐसा भी : 8वीं तक की होती है पढ़ाई, बच्चों की उपस्थिति मात्र 3, प्राचार्य समेत 2 शिक्षक प्रतिनियुक्त
विश्वविद्यालय के समन्वय जरूर बनाएं
alt="" width="600" height="400" /> उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के साथ अपनी समन्वय जरूर बनाये. जबतक प्राइवेट कॉलेज व कोल्हान विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों के साथ सही समन्वय नहीं होगा तब तक नियम का पालन सही से नहीं हो पायेगा. कुलपति ने मंच पर विराजमान विश्वविद्यालय के सभी पदाधिकारियों का परिचय विस्तृत रूप से दिया. उन्होंने कहा कि शिक्षा में यादि गुणवत्ता लाना है तो इसके लिये कॉलेज के प्रबंधक व प्रिंसिपल को गंभीर होना होगा. सरकारी शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया समय पर पूर्ण नहीं हो पा रहा है. जो एक दुर्भाग्यपूर्ण है. लेकिन प्राइवेट कॉलेज तो अपने हिसाब से नियुक्त कर सकते है. विद्यार्थियों में गुणवत्ता शिक्षा हो इस पर पूरी फोकस होनी चाहिये. मौके पर मुख्य रूप से वित्त सलाहकार, वित्त पदाधिकारी डॉ पीके पाणी, प्रॉक्टर डॉ एमएन खान, डीएसडब्लयू डॉ एससी दास, सीवीसी डॉ संजीव आनंद, सीसीडीसी डॉ मनोज महापात्र, एमएड एचओडी डॉ सुचिता बेहरा, डीन डॉ सरिता प्रसाद के अलावा काफी संख्या में शिक्षक व शिक्षिकाएं उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें : नोवामुंडी">https://lagatar.in/noamundi-english-liquor-is-available-at-a-higher-rate-than-face-value/">नोवामुंडी
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वर्कशॉप में प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रस्तुति
alt="" width="600" height="400" /> विवि सभागार में कोल्हान विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से प्रोजेक्टर के माध्यम से शासी निकाय का गठन और कार्य विषय के बारे विस्तृत जानकरी दी गयी. सभी नियम को बताया गया. इसमें प्राइवेट कॉलेजों के प्रतिनिधियों के सवालों का जवाब भी दिया गया. उक्त विषय पर किसी तरह की असमंजस की स्थिति यादि किसी भी शिक्षक व पदाधिकारी को है तो उसे दूर किया गया. [wpse_comments_template]

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