Chaibasa (Sukesh Kumar) : चाइल्ड इन नीड इन्स्टीट्यूट (सिनी), झारखण्ड द्वारा प्रमण्डलीय आयुक्त, पश्चिमी सिंहभूम एवं जिला समाज कल्याण शाखा, पश्चिमी सिंहभूम के समन्वय से ‘बाल देखरेख संस्थान में बच्चों के गुणात्मक देखभाल, शीघ्र पुनर्वासन एवं संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा’ विषय पर दो दिवसीय प्रमण्डलीय स्तरीय कार्यशाला का आयोजन एक होटल में किया गया. मंगलवार को समापन समारोह हुआ. इस दौरान बाल देखरेख संस्थानों में बच्चों की समुचित देखभाल, सुरक्षा एवं उनका सामाजिक अन्वेषण कर बच्चे के परिवार के पुनर्स्थापन को सुगम बनाने के उद्देश्य से उक्त कार्यशाला का आयोजन किया गया. ताकि किशोर न्याय (बालकों का देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 के प्रावधानों के अनुरूप बाल गृहों को बच्चों के लिए अंतिम एवं अल्पावधिक विकल्प के रूप में देखा जा सके. इसे भी पढ़ें : सहिबगंज">https://lagatar.in/sahibganj-blo-arrested-for-adding-bangladeshi-youths-name-in-voter-list/">सहिबगंज
: बांग्लादेशी युवक का नाम मतदाता सूची में जोड़ने के आरोप में बीएलओ गिरफ्तार उक्त कार्यशाला के दौरान बाल देखरेख संस्थानों में रहने वाले बच्चों के परिवार में पुनर्स्थापन की प्रक्रिया के विभिन्न चरणों की प्रक्रियाओं के अनुपालन में कठिनाइयों पर चर्चा के साथ-साथ प्रमण्डल स्तरीय मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में कोल्हान आयुक्त मनोज कुमार शामिल हुई. अपने संबोधन में कहा कि बाल संरक्षण के मुद्दे पर काफी संवेदनशीलता से काम करने की आवश्यकता है. इस विषय पर बच्चों एवं समुदाय को जागरूक कर इसकी रोकथाम के लिए कारगर प्रयास किया जा सकता है. सरकार द्वारा बाल संरक्षण के मुद्दे पर स्थापित विभिन्न व्यवस्थाओं की चर्चा करते हुए आयुक्त ने सभी हितधारकों को परस्पर समन्वय स्थापित कर बच्चों के सर्वोतमहित के लिए कार्य करने की आवश्यकता है. उन्होंने बालगृह के संवासिन बच्चों को जैविक अथवा वैकल्पिक परिवार में स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया. ताकि बच्चे का सर्वांगीण विकास पर बल दिया. साथ-ही-साथ, उन्होंने बालगृहों में रह रहे बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने एवं देखभाल को सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करने की आवश्यकता बतलाई. कार्यक्रम में बाल कल्याण समिति के पश्चिमी सिंहभूम व सरायकेला खरसावां के अध्यक्ष सनातन तिरिया व रोहित कुमार महतो ने भी अपने विचार साझा किए. मुख्य रूप से अनिता सिन्हा, संजय ठाकुर, डॉ केके तिवारी समेत काफी संख्या में पदाधिकारी उपस्थित थे. [wpse_comments_template]
चाईबासा : बाल संरक्षण के मुद्दे पर संवेदनशीलता से काम करने की आवश्यकता- आयुक्त

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