Shambhu Kumar
Chaibasa: बरसात के मौसम में खाने-पीने से होने वाली बीमारियों की रोकथाम और लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन ने विशेष खाद्य सुरक्षा अभियान की शुरुआत की. गुरुवार को समाहरणालय परिसर से उपायुक्त मनीष कुमार ने मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.

इस मौके पर उपायुक्त ने कहा कि बरसात के मौसम में खाद्य जनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में जिला प्रशासन का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि खाद्य व्यवसायियों को जागरूक करना और आम लोगों तक सुरक्षित एवं शुद्ध खाद्य सामग्री पहुंचाना भी है. उन्होंने कहा कि मिलावटी, एक्सपायरी अथवा असुरक्षित खाद्य पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
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अभियान के तहत चाईबासा के सदर बाजार, तांबो चौक, मधु बाजार, टुंगरी और बड़ी बाजार क्षेत्र की मिठाई, नाश्ता दुकानों तथा ठेला-खोमचा विक्रेताओं के यहां जांच की गई. इस दौरान 35 खाद्य प्रतिष्ठानों से 117 खाद्य नमूनों की ऑन-द-स्पॉट जांच की गई. लड्डू, जलेबी, दही, हल्दी, मिर्च पाउडर, चटनी, आलू मसाला, गोलगप्पा मसाला, छोले, दूध और सरसों तेल समेत विभिन्न खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता आधुनिक उपकरणों से परखी गई.
जांच के दौरान एक्सपायरी एवं उपभोग के लिए अनुपयुक्त खाद्य सामग्री जब्त कर नष्ट कराई गई. करीब पांच किलोग्राम लड्डू-जलेबी तथा बार-बार उपयोग किए जा रहे जले हुए खाद्य तेल को भी मौके पर नष्ट कराया गया. अधिकारियों ने खाद्य विक्रेताओं को स्वच्छता बनाए रखने और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम का पालन करने का निर्देश दिया.
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