Chaibasa (Shambhu Kumar): पश्चिमी सिंहभूम जिले के झींकपानी स्थित लगभग 80 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक औद्योगिक इकाई अडानी एसीसी सीमेंट वर्क्स को आगामी 16 अगस्त 2026 से स्थायी रूप से बंद किए जाने के कंपनी प्रबंधन के निर्णय के विरोध में बुधवार को हजारों मजदूरों, ग्रामीणों, रैयतों, महिलाओं और युवाओं ने विशाल पदयात्रा निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया.

आंदोलनकारियों ने झींकपानी से चाईबासा तक लगभग 16 किलोमीटर की पदयात्रा करते हुए पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नाम ज्ञापन सौंपा और सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की.पदयात्रा में शामिल लोगों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर एसीसी बचाओ–रोजगार बचाओ झींकपानी की पहचान बचाओ तथा हजारों परिवारों की आजीविका बचाओ जैसे नारे लगाए.
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि एसीसी सीमेंट वर्क्स केवल एक औद्योगिक इकाई नहीं, बल्कि पश्चिमी सिंहभूम की औद्योगिक पहचान और हजारों परिवारों की आजीविका का प्रमुख आधार है.यदि संयंत्र बंद हुआ तो हजारों श्रमिकों, परिवहन व्यवसायियों, दुकानदारों और इससे जुड़े अन्य लोगों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट उत्पन्न हो जाएगा.
डीसी कार्यालय पहुंचने के बाद आंदोलनकारियों ने मुख्य प्रवेश द्वार के समीप शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया. इस दौरान कुछ समय के लिए डीसी कार्यालय परिसर में आवागमन भी प्रभावित रहा. बाद में प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए कंपनी की प्रस्तावित स्थायी बंदी पर रोक लगाने, श्रमिकों के रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा उद्योग को बचाने के लिए राज्य सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की.
आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं की गई तो वे आगे और व्यापक जन आंदोलन करने को बाध्य होंगे.इस मौके पर बड़ी संख्या में महिला पुरुष ग्रामीण मौजूद थे.
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