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Chaibasa News: गोइलकेरा के बिला गांव में जलसंकट, महिलाओं ने पेयजल विभाग पहुंच जताई नाराजगी

पश्चिमी सिंहभूम जिला के गोइलकेरा प्रखंड की बिला पंचायत के ग्रामीण इन दिनों भीषण गर्मी में पानी की समस्या से जूझ रहे हैं. पंचायत के गांवों में नल जल योजना का कार्य वर्षों से अधूरा रहने के कारण ग्रामीणों को पीने का साफ पानी नहीं मिल रहा है.
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  • ग्रामीणों ने नल जल योजना में भारी गड़बड़ी का लगाया आरोप
  • कहा- करोड़ों खर्च होने के बाद भी नहीं मिल रहा पीने का पानी

Shambhu Kumar

Chakradharpur: पश्चिमी सिंहभूम जिला के गोइलकेरा प्रखंड की बिला पंचायत के ग्रामीण इन दिनों भीषण गर्मी में पानी की समस्या से जूझ रहे हैं. पंचायत के गांवों में नल जल योजना का कार्य वर्षों से अधूरा रहने के कारण ग्रामीणों को पीने का साफ पानी नहीं मिल रहा है. इससे नाराज बिला पंचायत के ग्रामीणों ने बुधवार को चक्रधरपुर के पेयजल विभाग कार्यालय पहुंचकर नाराजगी जताई. 


बिला पंचायत के विभिन्न गांव से प्रखंड आई महिलाओं ने हंडी, डेकची व अन्य बर्तन लेकर रोष जताया. ग्रामीणों का नेतृत्व प्रखंड प्रमुख निलमणी कोड़ाह व मुखिया दिनेश चंद्र बोयपाई ने किया. इस दौरान ग्रामीणों ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग पर घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया. ग्रामीणों ने कहा कि सरकार की महत्वाकांक्षी नल जल योजना में भारी अनियमित बरती गई है.


कहा कि सरकार के करोड़ों की राशि खर्च करने के बावजूद लोगों को घर-घर तक पीने का साफ पानी नहीं मिल पा रहा है. वर्षों से नल जल योजना का कार्य अधूरा पड़ा हुआ है. मौके पर मुखिया दिनेश चंद्र बोयपाई ने पेयजल विभाग पर आरोप लगाते हुए कहा नल जल योजना के तहत घर-घर शुद्ध पानी पहुंचाने के लिए लगभग 59 करोड़ रुपए की राशि से कार्य किया जाना था, लेकिन विभागीय अधिकारियों व संवेदक की मिलीभगत के कारण 57 करोड़ रुपए की निकासी होने के बावजूद नल जल योजना का कार्य अधूरा पड़ा हुआ है. 


उन्होंने कहा कि विभाग को खर्च किए गए करोड़ों राशि का हिसाब देना होगा. उन्होंने कहा कि विभागीय उदासीनता के कारण इस भीषण गर्मी में ग्रामीणों को पानी के लिए काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. पीने का शुद्ध पानी नहीं मिलने के कारण ही ग्रामीण लंबी दूरी तय कर कार्यालय का घेराव करने पहुंचे हैं. 


ग्रामीणों ने कहा कि जब तक हमें ठोस जवाब नहीं मिलेगा तब तक सभी ग्रामीण कार्यालय परिसर में ही बैठे रहेंगे. इस मौके पर प्रखंड प्रमुख निलमणी कोड़ाह ने भी विभाग के अधिकारियों के प्रति नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा कि विभाग के कोई भी अधिकारी गांव में जांच करने के लिए नहीं पहुंचते हैं. जिसके कारण ग्रामीणों को पानी नहीं मिल पा रहा है. उन्होंने कहा कि जब तक हमारी मांगों पर विचार नहीं किया जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.

 

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