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चाईबासा : अनुभव व प्रशिक्षण के आधार पर की जा रही है बच्चों में कुपोषण व एनीमिया की जांच

Chaibasa (Ramendra Kumar Sinha) : कुपोषण व एनीमिया के संदिग्ध मामलों की जांच के लिए जिले के चिन्हित किए गए आंगनबाड़ी केंद्रों पर सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है. यहां न केवल बच्चों की जांच की जा रही है, बल्कि गर्भवती माताओं व धात्री माताओं की भी जांच की जा रही है. लेकिन बड़ी बात यह है कि यह जांच अभियान अनुभवों व प्रशिक्षण के आधार पर किया जा रहा है. इसके लिए कुछ संसाधन दिए गए हैं और इन्हीं संसाधनों के आधार पर सेविकाएं जांच कर रही हैं. [caption id="attachment_364332" align="aligncenter" width="600"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/07/aganbadi-kendra.jpg"

alt="" width="600" height="389" /> केंद्र में एक बच्चे की रक्त जांच करती सहिया.[/caption] इसे भी पढ़े : मनोहरपुर">https://lagatar.in/manoharpur-drinking-water-crisis-deepens-in-tulunggutu-village-villagers-forced-to-drink-water-by-digging-lime/">मनोहरपुर

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बाहू माप और ऊंचाई जांच से निर्धारित किया जा रहा बच्चों में कुपोषण

यह जांच समर अभियान या स्ट्रैटेजिक एक्सन फॉर एलिवेशन ऑफ मालन्यूट्रिशन एंड एनीमिया को लेकर किया जा रहा है. बच्चों की एनिमिया की जांच सेविका दिए गए संसाधन से कर रही हैं, जबकि कुपोषण की जांच बच्चों के बाहू माप और उनके ऊंचाई जांच के बाद निर्धारित हो रहा है कि वे कुपोषित है या नहीं. ऐसे में इससे कितने बच्चे चिन्हित हो पाएंगे यह कहना फिलहाल मुश्किल है. सेविकाओं को यह भी निर्देश है कि यदि अति गंभीर कुपोषित बच्चे मिलते हैं तो उन्हें समर एप पर अपलोड करना है. लेकिन संसाधनों के अभाव में अति गंभीर कुपोषित बच्चे कैसे चिन्हित हो यह भी एक प्रश्न है. इसे भी पढ़े : पटमदा">https://lagatar.in/patmada-a-stadium-built-to-promote-sports-a-haven-for-animals-and-anti-social-elements/">पटमदा

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समान ही नहीं मिले तो जांच कैसे हो : अनीता

झारखंड राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की प्रदेश अध्यक्ष अनीता बिरूवा ने बताया कि कुपोषण व एनीमिया की जांच आंगनबाड़ी के सभी केंद्रों पर हो रही है. लेकिन संसाधन नहीं है, ऐसे में जितने भी जांच किए जा रहे हैं वे सब सेविकाओं के अनुभव व प्रशिक्षण के आधार पर किया जा रहा है. उन्होंने इस अभियान की सफलता के लिए संसाधनों को उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है. इसे भी पढ़े : गालूडीह">https://lagatar.in/galudih-two-wild-elephants-separated-from-the-herd-in-golkata-created-a-ruckus/">गालूडीह

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