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राज्य सरकार बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा एवं परिवरिश के लिए दे रही 2000 की राशि
उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव में ग्राम बाल संरक्षण समिति अपनी सक्रिय भूमिका अगर निभाए तो प्रत्येक गांवों में चाईल्ड फ्रेंडली वातावरण विकसित किया जा सकता है. जिससे 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का पलायन, बाल विवाह, बाल-श्रम और बाल शोषण को रोका जा सकता है. उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को सरकार द्वारा चलाये जा रहे विभिन्न योजनाओं के बारे में बताया. साथ ही बाल तस्करी की ओर जाने वाली किशोरियों को रोकने के लिए हेल्पलाईन नंबर 1098 के बारे में भी बताया गया. साथ ही आउटरीच वर्कर जगन्नाथ पोद्दार द्वारा स्पॉन्सरशिप एवं फोस्टर केयर कार्यक्रम के बारे में बताया गया. उन्होंने बताया कि संस्थागत देखभाल के लिए प्रत्येक माह 2000 की राशि बच्चों को स्वास्थ्य, शिक्षा एवं परिवरिश के लिए राज्य सरकार द्वारा दिया जा रहा है. इसे भी पढ़ें : सुखदेव">https://lagatar.in/on-sukhdevs-petition-hc-asked-for-documents-submitted-in-nomination-rameshwar-oraon/">सुखदेवकी याचिका पर HC ने मांगी रामेश्वर उरांव के नॉमिनेशन दस्तावेज, इश्यू फ्रेम के बाद होगी गवाही
चाइल्ड फंड इंडिया द्वारा चलाए जा रहे आजीविका कार्यक्रम के बारे में दी गई जानकारी
दस दौरान संस्था के सुनीति केरकेट्टा ने ग्राम बाल संरक्षण समिति की बैठक की जिम्मेवारी सेविका द्वारा किये जाने की बात कही. संस्था के डेनिस सोरेन ने सेविकाओं को बताया की समिति द्वारा चिन्हित देखरेख व जरूरतमंद वाले बच्चों की सूची व जानकारी मनोहरपुर बाल संरक्षण कार्यालय में दिये जा सकते हैं. उनके पुनर्वास के लिए विभिन्न योजनाओं के साथ उन्हें जोड़ा जाएगा. चाइल्ड फंड इंडिया के कार्यक्रम मोबिलाईजर ने चाइल्ड फंड इंडिया द्वारा चलाए जा रहे आजीविका कार्यक्रम के बारे में जानकारी प्रदान की. इसे भी पढ़ें : रांची">https://lagatar.in/in-ranchi-the-heat-broke-the-record-of-56-years-yellow-alert-do-not-leave-the-house-from-12-to-4-oclock/">रांचीमें गर्मी ने तोड़ा 56 साल का रिकॉर्ड, येलो अलर्ट, 12 से 4 बजे तक घर से ना निकलें
कार्यक्रम के तहत बच्चों को आर्थिक सहायता की जा रही प्रदान
विदित हो कि इस कार्यक्रम के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिजनों के बच्चों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है. संस्था का उद्देश्य बाल संरक्षण तंत्र को विकसित करने हेतु सुदूरवर्ती गांव के सभी बच्चों को स्वास्थ्य, शिक्षा व पोषण से जोड़ने की है. इस कार्यक्रम में पारा लीगल वालंटियर एंजेला कांडुलना ने बाल शोषण व बाल तस्करी करने वाले दलालों के विभिन्न रूट के बारे में विस्तृत जानकारी दी. कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए संस्था के सिलास पूर्ति, गोईलकेरा की सभी सेविका व काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें : देवघर">https://lagatar.in/jharkhand-news-deoghar-ropeway-accident-45-hours-of-rescue-operation-46-people-were-rescued-3-died/">देवघररोप-वे हादसा : 45 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन, 46 लोगों को निकाला गया सुरक्षित, 3 की मौत [wpse_comments_template]

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