Shambhu Kumar Chakradharpur : पश्चिमी सिंहभूम जिले के निजी स्कूलों की मनमानी से अभिभावक परेशान हैं. लगभग सभी निजी स्कूलों ने नए सत्र में मनमाने तरीके से फीस बढ़ा दी है. री एडमिशन, किताबें, ड्रेस, जूता सहित अन्य पठन-पाठन सामग्री मद में अभिभावकों से मोटी रकम वसूली जा रही है. इसके विरोध में झामुमो नेता रामलाल मुंडा सोमवार को अभिभावकों के साथ प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय के समीप अनशन पर बैठ गए. अंजुमन इस्लामिया के पदाधिकारियों ने भी उनका समर्थन किया. रामलाल मुंडा ने कहा कि निजी स्कूल अभिभावकों से एनुअल फी, डिजिटल फी, कंप्यूटर फी, ट्यूशन फी के नाम प्रत्येक साल मोटी रकम वसूलते हैं. इस वर्ष भी अभिभावकों को फीस की लंबी लिस्ट थमा दी गई है. किताबें, ड्रेस-जूता सहित अन्य पठन सामाग्री निश्चित दुकान से ही खरीदने के लिए अभिभावकों को मजबूर किया जाता है. अंजुमन इस्लामिया के सचिव बैरम खान व झामुमो नेता दिनेश जेना ने भी स्कूलों की मनमानी पर नाराजगी जताई. इस मौके पर झामुमो नेता पीरु हेंब्रम,सन्नी सुल्तान खान,मंगल सोय, भावो नाथ प्रधान,वीरेंद्र सिंह,गणपति महाली समेत अन्य अभिभावक मौजूद थे.
संकट पर लापरवाही से जूझती व्यवस्था, अधिकारी मौन और जनता परेशान
जिला शिक्षा अधीक्षक के आश्वासन पर अनशन समाप्त
अनशन की सूचना मिलने के बाद जिला शिक्षा अधीक्षक प्रवीण कुमार चक्रधरपुर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय के पास अनशन स्थल पर पहुंचे. उन्होंने चक्रधर शहर के कई निजी स्कूलों के प्राचार्यों को भी बुलाया. डीएसई व प्रधानाध्यपकों के समक्ष ही अभिभावकों ने जमकर रोष व्यक्त किया. डीएसई ने आश्वासन देते हुए कहा कि निजी विद्यालयों की मनमानी नहीं चलने दी जाएगी. इसे लेकर जल्द ही निजी विद्यालयों को दिशा-निर्देश भेजा जाएगा. इसके बाद उन्होंने झामुमो नेता रामलाल मुंडा को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया. यह भी पढ़ें : जल">https://lagatar.in/the-system-is-fighting-the-water-crisis-carelessly-officials-are-silent-and-the-public-is-troubled/">जलसंकट पर लापरवाही से जूझती व्यवस्था, अधिकारी मौन और जनता परेशान
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