Chaibasa (Sukesh kumar) : मौसम के उतार-चढ़ाव की वजह से मौसमी बीमारियों से ग्रसित होने वाले लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. जिले में पिछले कुछ दिनों से मौसम जनित बीमारियों से ग्रसित रोगियों की संख्या में दोगुना का इजाफा हुआ है. सदर अस्पताल में रोजाना 500 से अधिक मरीज अपना इलाज कराने पहुंच रहे हैं. सामान्य दिनों से दो गुना मरीज इन दिनों सदर अस्पताल आ रहे है. सदर अस्पताल में इसे देखते हुए सुविधा बढ़ा दी गई है. यहां डॉक्टरों की भारी कमी है, इस कारण कई डॉक्टर ओवर टाइम ड्यूटी कर रहे है. पूरी व्यवस्था को सिविल सर्जन खुद देख रहे है. इसे भी पढ़ें : चांडिल">https://lagatar.in/chandil-protest-against-commercialization-of-dalma-mountain-on-30th-august/">चांडिल
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मरीज बाहर से खरीद रहे दवाई
सदर अस्पताल में दवाई की भी भारी किल्लत है. मरीज को मजबूरन बाहर से दवा खरीदनी पड़ रही है. कई मरीज आई फ्लू से ग्रसित होकर सदर अस्पताल इलाज करने के लिए पहुंचे हैं. लेकिन उनको सिर्फ एक दवा ही दिया जा रहा है. बाकी दवाई बाहर खरीदने की एडवाइस दी जा रही है. इसके अलावा अन्य कई बीमारी से भी ग्रसित मरीजों को बाहर से ही दवा लेनी पड़ रही है. मालूम हो कि पश्चिमी सिंहभूम झारखंड का सबसे बड़ा जिला है. यह पिछड़ा क्षेत्र है और ज्यादातर लोगों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है. इस कारण लोग सदर अस्पताल में इलाज कराने आते है. लेकिन यहां सुविधाओं का घोर अभाव है.सदर अस्पताल में नहीं होता अल्ट्रासाउंड
सदर अस्पताल में पिछले कई महीनो से अल्ट्रासाउंड की मशीन तो है, लेकिन डॉक्टर नहीं होने की वजह से मरीज बाहर ही अल्ट्रासाउंड कराने को मजबूर हैं. अल्ट्रासाउंड कराने को लेकर कई बार सिविल सर्जन के पास पत्राचार किया गया है, लेकिन कोई पहल नहीं हुई. इसके अलावा सदर अस्पताल में सीटी स्कैन, एमआरआई की भी सुविधा नहीं है. इस कारण मरीज मजबूरन जमशेदपुर का चक्कर लगाते हैं. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-congress-takes-out-funeral-procession-of-prime-minister-and-home-minister/">जमशेदपुर: कांग्रेस ने निकाली प्रधानमंत्री व गृहमंत्री की शव यात्रा
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