Chaibasa (Ramendr Kumar Sinha) : प्रकृति के त्योहार करम पूजा को लेकर उरांव समाज में काफी हर्ष है. इस पूजा की शुरुआत दोपहर 2:00 बजे से हो गई है. जब समाज के हर अखाड़े से जुड़े युवा अपने एक निश्चित स्थान पर जाकर पूरे विधि विधान के साथ करम डाल को लाने जाएंगे. डाल लेकर आने के दौरान एक निश्चित स्थान पर उसे अखाड़े से जुड़ी युवतियां पूरे परंपरागत तरीके से उस डाल को ग्रहण कर अखाड़े में लेकर आएंगी और उसकी करम राजा के अखाड़े में स्थापना की जाएगी. इसे भी पढ़ें : जिसका">https://lagatar.in/the-one-whose-heart-beats-for-the-poor-is-a-true-public-servant-president/">जिसका
दिल गरीबों के लिए धड़कता है, वही सच्चा लोकसेवक : राष्ट्रपति वहां पाहन द्वारा करम त्योहार को लेकर पूजा पाठ की जाएगी. हर अखाड़े में पूजा पाठ की प्रक्रिया देर रात आरंभ होगी. इस पूजा के लिए हर अखाड़ा को साफ सुथरा कर उन्हें गोबर से लीप कर शुद्ध किया गया है. वहां पर आकर्षक विद्युत सज्जा भी की गई है और रात में पूजा पाठ के दौरान अखाड़े से जुड़े सारे युवक-युवतियां पाहन के द्वारा सुनाई जा रही कथा को सुनेंगे और कथा सुनने के उपरांत उनका व्रत टूटेगा. [wpse_comments_template]
दिल गरीबों के लिए धड़कता है, वही सच्चा लोकसेवक : राष्ट्रपति वहां पाहन द्वारा करम त्योहार को लेकर पूजा पाठ की जाएगी. हर अखाड़े में पूजा पाठ की प्रक्रिया देर रात आरंभ होगी. इस पूजा के लिए हर अखाड़ा को साफ सुथरा कर उन्हें गोबर से लीप कर शुद्ध किया गया है. वहां पर आकर्षक विद्युत सज्जा भी की गई है और रात में पूजा पाठ के दौरान अखाड़े से जुड़े सारे युवक-युवतियां पाहन के द्वारा सुनाई जा रही कथा को सुनेंगे और कथा सुनने के उपरांत उनका व्रत टूटेगा. [wpse_comments_template]
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