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चाईबासा: माध्यमिक शिक्षकों ने कहा-स्कूल में गुणवत्तायुक्त शिक्षा पर होगा फोकस, अगले साल और बेहतर रिजल्ट

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Chaibasa : जिले के माध्यमिक शिक्षकों के द्वारा शिक्षा के स्तर को किस तरह से बढ़ाया जाए उसको लेकर टाटा कॉलेज चाईबासा के बिरसा मेमोरियल हॉल में गुरुवार को एक कार्यशाला का आयोजन किया गया. सभी 18 प्रखंडों के शिक्षकों ने बारी-बारी से शिक्षा के स्तर को बढ़ाने को लेकर कई तरह के सुझाव रखे. शिक्षक मनमोहन प्रसाद ने कहा कि हमारा प्रयास होगा कि अगले साल माध्यमिक और उच्च माध्यमिक की परीक्षा में शत-प्रतिशत बच्चे उत्तीर्ण हों और बच्चों का सर्वांगीण विकास करने पर जोर देंगे.

शिक्षकों को अपने कौशन का प्रयोग करना चाहिए

शिक्षक अनंत तांती ने कहा कि विभिन्न स्तर के बच्चों के लिये अलग-अलग रणनीति अपनाते हुए चलेंगे क्योंकि यहां अलग-अलग स्तर के बच्चे हैं. इसलिए सभी बच्चे अच्छे कर पाएं इसके लिए हम अपने कौशल का प्रयोग करेंगे. शिक्षक मानस गोराई ने सुदूर इलाके के विद्यालयों में बच्चों की समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि गरीबी एक अहम कारण है. गरीबी के बावजूद आज के दिन में सरकार परिवार को विभिन्न तरह की सुविधा मुहैया करा रही है. हम सभी अभिभावकों को समझाने की कोशिश करेंगे की शिक्षा का महत्व क्या है और बच्चे किस तरह से अच्छी शिक्षा ले पाएं. शिक्षक मनोज राउत ने कहा कि आज के दिन में विद्यालयों में अनुपस्थिति एक बहुत ही चिंता का विषय बनी हुई है. खासकर के सुदूर इलाके में बच्चों का ड्रॉपआउट तथा महीने के अधिकतर दिनों में अनुपस्थित रहना बहुत बड़ा कारण है. जिससे पढ़ाई में काफी बाधा उत्पन्न हो रही है. शिक्षक राजन प्रधान ने सभी शिक्षक और छात्र छात्राओं का मानसिक स्वास्थ्य बना रहे, इस पर जोर दिया. मौके पर शिक्षक मंजीत बानरा, रेमिल हाइबुरु, डॉ सागर पाट पिगुंवा, सालेन पिंगुवा, संजय सिंह, एम‌ बिलियम‌ हो, प्रत्यूष भास्कर, रवि प्रजापति, पंकज प्रधान, सेनेम सुसारी बारजो तथा माध्यमिक शिक्षक संघ के कोषाध्यक्ष एलिस सवाईयां सहित कई शिक्षकों ने अपने विचार रखे. [wpse_comments_template]

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