Chaibasa (sukesh Kumar) : आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष पर महिला कॉलेज चाईबासा में मंगलवार को विभागीय दो सेमिनार का शुभारंभ बीएड विभाग में हुआ. आज के विभागीय सेमिनार का विषय "वर्तमान संदर्भ में रविंद्र नाथ टैगोर के शैक्षिक दर्शन" था. जबकि बुधवार को सेमिनार का विषय वर्तमान संदर्भ में "विवेकानंद का शैक्षिक दर्शन" होगा. सेमिनार का शुभारंभ महिला कॉलेज की प्राचार्या डाॅ प्रीतिबाला सिन्हा तथा बीएड विभाग के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा द्वीप प्रज्ज्वलित कर किया गया.
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alt="" width="500" height="333" /> कार्यक्रम में शामिल विद्यार्थी[/caption]
टैगोर के शैक्षिक दर्शन वर्तमान संदर्भ पर हुई चर्चा
बीएड विभागाध्यक्ष मोबारक करीम हाशमी द्वारा स्वागत भाषण तथा प्राचार्या द्वारा आरंभिक भाषण दिया गया. जिसमें प्राचार्या ने रविंद्रनाथ टैगोर की शैक्षिक सोच, आजादी के लिए उनका शैक्षिक योगदान तथा राष्ट्र को समर्पित उनका राष्ट्रगान हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण बताया. सेमिनार में बीएड की विभिन्न छात्राओं द्वारा रविंद्रनाथ टैगोर के शैक्षिक दर्शन वर्तमान संदर्भ पर चर्चा की गई. वर्तमान समय के पाठ्यक्रम तथा शिक्षण विधि पर उनका प्रभाव, टैगोर के अनुसार शिक्षकों की स्थिति एवं प्रशिक्षण तथा उनके द्वारा स्थापित शांति निकेतन आदि उप विषय पर पेपर प्रजेंटेशन किया गया.
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इस अवसर पर संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ निवारण महथा, बीएड विभाग की डॉ ओनिमा मानकी, डॉ अर्पित सुमन टोप्पो, सुजाता किस्पोट्टा, बबीता कुमारी, प्रीति देवगम, शीला समद, राजीव नमता, सितेंद्र रंजन, धनंजय कुमार, मदन मोहन, डॉ अरुणा कुमारी, नम्रता खलखो, मनीषा बिरुवा एवं अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएँ तथा बीएड सेमेस्टर वन की छात्राएं उपस्थित थीं. [wpse_comments_template]
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