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शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के रिटायरमेंट की उम्र सीमा बढ़ाने पर बनी सहमति
[caption id="attachment_401692" align="aligncenter" width="513"]alt="" width="513" height="342" /> सीनेट की बैठक में शामिल कुलपति, कुलसचिव व प्रति कुलपति[/caption] शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के सीनेट सदस्य प्रत्यूष पाणी ने शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के रिटायरमेंट की उम्र सीमा बढ़ाने को लेकर सभा में प्रस्ताव रखा. जिसके बाद कुलपति ने प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए सरकार को एक प्रस्ताव भेजने पर सहमति दी. उन्होंने रिटायरमेंट की उम्र सीमा 62 वर्ष करने का प्रस्ताव रखा. जिसको सीनेट सदस्यों द्वारा सर्वसम्मति से पारित कर और सरकार के पास भेज दिया. इसके अलावा अन्य कई मुद्दों को भी उठाया. इस दौरान पीएफ फंड मामला पर भी गंभीरता से कई सीनेटर ने उठाया. इस पर कुलपति प्रो डॉ गंगाधर पांडा ने जवाब में दिया कि पीएफ फंड के संबंधित एक कमेटी तैयार किया गया है. यह कमेटी आने वाले 10 दिनों के अंदर पूरे मामला का समाधान करेगी. इसे भी पढ़ें : सरायकेला">https://lagatar.in/seraikela-two-day-bhado-amavasya-festival-organized-in-marwari-dharamshala/">सरायकेला
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तीन साल में होने वाले स्थानांतरण पर जताया विरोध
बैठक में 3 साल में होने वाले स्थानांतरण का मुद्दा भी उठा. इस दौरान कई सीनेट के सदस्यों ने 3 साल में होने वाले स्थानांतरण मामले को लेकर विरोध भी किया. सीनेटर संजय सिंह ने कहा कि यह गलत नीति है. लेकिन विश्वविद्यालय की ओर से सीनियर सदस्य संजय सिंह से इसका सुझाव मांगा तो वे नहीं दे पाए. कोई भी सीनेट के सदस्य इसका सुझाव नहीं दे पाए. जिसके बाद 3 साल के स्थानांतरण संबंधित मामले को यथास्थिति में ही रख दिया गया. इस दौरान हाउस रेंट के अलावा आवागमन भत्ता का भी जिक्र किया गया. [caption id="attachment_401694" align="aligncenter" width="600"]alt="" width="600" height="400" /> बैठक में मौजूद सीनेट के सभी सदस्यगण[/caption]
लंबित वेतन निर्धारण मामले भी हुए पारित
कुछ शिक्षक व शिक्षकेत्तर कर्मचारियों का कई दिनों से भत्ता लंबित पड़ा हुआ है. उसे शीघ्र भुगतान करने का भी निर्देश कुलपति ने वित्त पदाधिकारी को दिया. वहीं पीजीआरसी के लिए विश्वविद्यालय की ओर से भुगतान करने की बात कही गई. बैठक में कई शिक्षकेत्तर व शिक्षकों के लंबित वेतन निर्धारण मामलों को भी रखा गया. जिसका समाधान कर सीनेट में पारित कर दिया गया और सरकार के पास भेज दिया. इसके अलावा लगभग वोकेशनल कोर्स को लेकर अलग से बजट पारित कर सरकार के पास भेजा गया. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-allegation-of-illegal-construction-in-sakchi-cemetery-memorandum-to-dc/">जमशेदपुर: साकची कब्रिस्तान में अवैध निर्माण का आरोप, डीसी को ज्ञापन

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