Çhaibasa (Ramendra Kumar Sinha) : चाईबासा का शहीद पार्क टीपीएसएल ग्रुप का निजी संपत्ति बन कर रह गया है. वर्ष 2008 में शहर के सौंदर्यीकरण में स्थानीय उद्योगपतियों का सहयोग लिया गया था. उसी क्रम में तत्कालीन उपायुक्त ने शहीद पार्क का सौंदर्यीकरण का कार्य टीपीएसएल ग्रुप को सौंपा था. टीपीएसएल ग्रुप सौंदर्यीकरण के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ी और शहर का एक अच्छा सा घूमने का जगह बना दिया . इसे शुरुआत में लोगों के लिए खोला भी जाता था. लोग सुबह-शाम सैर करने आते थे. लेकिन स्थिति अब यह है कि दिन-रात इसमें ताला लगा रहता है. इसे भी पढ़ें :बहरागोड़ा">https://lagatar.in/bahragora-baba-tilka-manjhis-birth-anniversary-money-near-jharia-turn/">बहरागोड़ा
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सीर्फ दो घंटे के लिए पार्क को खोला जाता है
यहां तक कि 30 जनवरी को शहीद दिवस के दिन भी इसके अंदर स्थित शहीद स्थल पर कुछ गिने-चुने लोग ही जाकर श्रद्धा के फूल अर्पित कर पाए. सुरक्षा गार्ड यहां पर तैनात रहते हैं. एक घंटे के लिए सुबह और घंटे के लिए शाम को स्थानीय लोगों के लिए इसे घूमने के लिए खोला जाता है. जबकि इसके बनाने का उद्देश्य था कि गर्मी के दिनों में या किसी भी मौसम में लोग यहां पर बैठकर सुकून की जिंदगी जी सके और थोड़ा समय से व्यतीत कर सकें. ऐसा होता नहीं दिख रहा अब दिन में तो कोई यहां पर आता ही नहीं. चुकी इसका दरवाजा बंद ही रहता है. सुबह-शाम सैर करने वाले लोगों की संख्या भी फिलहाल बहुत कम है. इसे भी पढ़ें :देवघर">https://lagatar.in/deoghar-adivasi-sengal-abhiyan-protested-by-stopping-the-train/">देवघर: आदिवासी सेंगल अभियान ने ट्रेन को रोककर किया विरोध प्रदर्शन [wpse_comments_template]
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