: झरिया मोड़ के पास बाबा तिलका मांझी की जयंती मनी
सीर्फ दो घंटे के लिए पार्क को खोला जाता है
यहां तक कि 30 जनवरी को शहीद दिवस के दिन भी इसके अंदर स्थित शहीद स्थल पर कुछ गिने-चुने लोग ही जाकर श्रद्धा के फूल अर्पित कर पाए. सुरक्षा गार्ड यहां पर तैनात रहते हैं. एक घंटे के लिए सुबह और घंटे के लिए शाम को स्थानीय लोगों के लिए इसे घूमने के लिए खोला जाता है. जबकि इसके बनाने का उद्देश्य था कि गर्मी के दिनों में या किसी भी मौसम में लोग यहां पर बैठकर सुकून की जिंदगी जी सके और थोड़ा समय से व्यतीत कर सकें. ऐसा होता नहीं दिख रहा अब दिन में तो कोई यहां पर आता ही नहीं. चुकी इसका दरवाजा बंद ही रहता है. सुबह-शाम सैर करने वाले लोगों की संख्या भी फिलहाल बहुत कम है. इसे भी पढ़ें :देवघर">https://lagatar.in/deoghar-adivasi-sengal-abhiyan-protested-by-stopping-the-train/">देवघर: आदिवासी सेंगल अभियान ने ट्रेन को रोककर किया विरोध प्रदर्शन [wpse_comments_template]

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