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पर हल्ला बोल महारैली में भाग लेने दिल्ली पहुंचे हजारीबाग के कांग्रेसी इसको ठीक करने के लिए आने वाली पीढ़ी को अच्छी तरह से अध्ययन करने की जरूरत है. जब तक विद्यार्थियों द्वारा बेहतर शिक्षा की प्राप्ति नहीं होगी. तब तक देश में अच्छे इकोनॉमिस्ट नहीं होगा. उन्होंने यहां के विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना की. साथ ही सभी विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना की. इस दौरान विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. फिजिक्स विभाग में मुख्य रूप से सहायक प्रोफेसर रंजीत करण, सोमनाथ कर्ण के अलावा विद्यार्थियों में डायना रानी, श्रद्धा घोष, श्रावणी, अनीता, देवेंद्र, सत्यनारायण, पिनाकी प्रियदर्शी, तपन कुमार, सुप्रिया, अनुपमा समेत काफी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे. जबकि इकोनॉमिक्स विभाग में मुख्य रूप से सहायक प्रोफ़ेसर में कमला बानरा, राजीव कुमार, जयराम हेस्सा, भारती कुमारी समेत छात्राओं में मुख्य रूप से श्यामसुंदर पान, सत्याश्री महतो, लीना सवैया, हरिओम पूर्ति, लखिंद्र गोप, अनु कुमारी, सतीश चंद्र, बादल सिंह, प्रियंका कुमारी, मोनालिका बानरा के अलावा काफी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे.
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शिक्षक का महत्व को गंभीरता से विद्यार्थी : कमला
alt="" width="1600" height="1200" /> इकोनॉमिक्स विभाग के सहायक प्रोफेसर कमला बानरा ने शिक्षक दिवस समारोह के दौरान अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थी भटक रहे हैं. इससे बचने की जरूरत है. किताब से दूरियां बनाने पर लोगों की दिलचस्पी बढ़ रही है, जो एक घातक है. भविष्य का निर्माण किताब से ही होता है. किताब का सहारा हर विद्यार्थी को लेने की जरूरत है. उन्होंने शिक्षक दिवस के महत्व को भी बताया. साथ ही कहा कि शिक्षक एक महत्व भूमिका होती है. इसको सम्मान करना चाहिए. शिक्षक आज के समय में कई परिस्थिति से गुजर रहे हैं. लेकिन उसका मूल काम शिक्षा देना ही होता है. विद्यार्थियों को भी हमेशा शिक्षकों का साथ देने की जरूरत है. विद्यार्थी यदि नहीं होंगे तो शिक्षक की भूमिका कुछ नहीं होगी. विद्यार्थियों से ही शिक्षक का जन्म होता है. [wpse_comments_template]

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