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चाईबासा : कोल्हान विवि में आधा से अधिक विभाग के एचओडी का कार्यकाल खत्म, वरीयता के आधार पर होगी नियुक्ति

 
Chaibasa (Sukesh kumar) : कोल्हान विश्वविद्यालय में पिछले कई महीनों से आधा से अधिक एचओडी का कार्यकाल खत्म हो चुका है. बावजूद इसके अभी तक नए एचओडी की नियुक्ति नहीं की गई है. विश्वविद्यालय की ओर से वरीयता के आधार पर नए एचओडी की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू तो कर दी गई है, लेकिन अभी तक तलाश जारी है. बताया जाता है कि एचओडी की नियुक्ति अब राजभवन से होने की वजह से इसमें विलंब हो रहा है. स्थायी कुलपति की नियुक्ति नहीं होने के कारण मामला लटका हुआ है. हिंदी विभाग के एचओडी का कार्यकाल खत्म हुए छह माह से अधिक हो गया है. लेकिन अभी तक नए एचओडी की नियुक्ति नहीं हुई है. इसी तरह पॉलिटिकल साइंस, बॉटनी, जूलॉजी, अंग्रेजी, बंगाला, उर्दू, इतिहास, भुगोल, होम साइंस समेत अन्य कई विभाग के एचओडी का भी कार्यकाल खत्म हो चुका है. मालूम हो कि कोल्हान विश्वविद्यालय में कुछ ऐसे भी विभाग है, जहां पर स्थाई शिक्षक नहीं होने की वजह से उस विभाग में एचओडी लंबे समय से नहीं है. यहां का प्रभार अन्य विभाग के एचओडी को दिया गया है. जिसमें समाजशास्त्र विभाग व मानव शास्त्र विभाग प्रमुख है. मानव शास्त्र विभाग पूर्व रिटायर शिक्षक डॉ एके मिश्रा के भरोसे ही चल रहा है. इससे विद्यार्थियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इसको लेकर कई बार विद्यार्थियों ने कुलसचिव से मुलाकात भी की है, लेकिन इसका असर अभी तक नहीं दिखा. इसे भी पढ़ें : चक्रधरपुर">https://lagatar.in/chakradharpur-ghat-yatra-taken-out-for-jantal-puja-wished-for-happiness-peace-and-prosperity/">चक्रधरपुर

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पीजी विभाग में 2000 से अधिक विद्यार्थी करते अध्ययन

कोल्हान विश्वविद्यालय के पीजी विभाग में 2000 से अधिक विद्यार्थी अध्यनरत हैं. जबकि शिक्षकों की संख्या बहुत ही कम है. प्रत्येक विभाग में दो से तीन शिक्षक की कार्यरत है. जबकि प्रत्येक विभाग की औसतन विद्यार्थियों की संख्या देखे तो 300 से 400 है. हिंदी विभाग में 300 से अधिक विद्यार्थी अध्यनरत हैं. लेकिन शिक्षकों की स्थिति बत से बत्तर हो चुकी है. यहां एकमात्र शिक्षक कार्यरत है. हिंदी विभाग के विद्यार्थियों ने कहा कि यह जरूरत के आधार पर शिक्षक नहीं होने की वजह से पढ़ाई में दिक्कत होती है. विश्वविद्यालय हिंदी विभाग को प्रमुखता से लेकर शिक्षक की नियुक्ति करें. ताकि यहां पर विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम सही हो सकेगा. इसे भी पढ़ें : बहरागोड़ा">https://lagatar.in/baharagora-villagers-clamor-for-drinking-water-due-to-motor-breakdown/">बहरागोड़ा

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टीआरएल विभाग में भी एक भी स्थाई शिक्षक नहीं

कोल्हान विश्वविद्यालय के टीआरएल विभाग में एक भी स्थाई शिक्षक नहीं है. सरकार ने कई बार बहाली की प्रक्रिया शुरू करने संबंधित घोषणा तो की, लेकिन बहाली प्रक्रिया शुरू नहीं हुई. अभ्यर्थी अभी बहाली का इंतजार कर रहे हैं. जनजाति व क्षेत्रीय भाषा में शोध करने वाले शोधार्थियों के मुताबिक सरकार जनजातीय और क्षेत्रीय भाषा को लेकर गंभीर नहीं है. जिसकी वजह से इस तरह की स्थिति उत्पन्न हो रही है. इधर, उर्दू विभाग में भी एक भी स्थाई शिक्षक नहीं है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-dead-body-of-burmamine-youth-found-lying-on-the-roadside/">जमशेदपुर

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कई विभाग के एचओडी का कार्यकाल खत्म हो चुका है. लेकिन अभी तक नए एचओडी की नियुक्ति नहीं हुई है. हालांकि विश्वविद्यालय की ओर से नई एचओडी की नियुक्ति हो इसको लेकर प्रयास किया जा रहा है. हमारे विभाग के भी एचओडी का कार्यकाल खत्म हो चुका है. इस संबंध में विश्वविद्यालय स्तर से बात हो चुकी है. डॉ राजेंद्र भारती, डीन, सोशल साइंस [wpse_comments_template]
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