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प्रदेश के 750 प्राध्यापकों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा
जबकि प्राध्यापक संघ की यह मांग थी कि 57,700 रुपये फिक्स दिये जाये और छुट्टी का भी प्रवधान लागू हो. इस संबंध में ज्ञानचंद जैन कॉमर्स कॉलेज के आवश्यकता आधारित प्राध्यापक संघ के प्रतिनिधि जेबी आरआर शास्त्री ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग ने इस संकल्प में बहुत चालाकी का प्रयोग करते हुए हमारे मानदेय में तो वृद्धि कर दी. लेकिन घन्टी और छुटी के लिये हमे बंधुवा मजदूर की तरह ही रखा है. इसलिए छुटी के समय में भी हमसे गैर शैक्षणिक कार्य करवाएं जायेंगे. इस संकल्प में सरकार ने हमलोगों के मानदेय की सीमा तो यूजीसी के तहत रख दी. लेकिन न तो वो स्थायी है और न ही उसमें हमलोगों की छुट्टी के बारे में कोई जिक्र है. उन्होंने कहा कि हमलोगों को न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और अब हमलोग अपना अधिकार कोर्ट से ही प्राप्त करेंगे. उन्होंने कहा कि इसके लागू होने पर स्थिति पहले से ज्यादा अच्छी नहीं होगी. बरहाल स्थिति जो भी हो. लेकिन इस निर्णय से प्रदेश के लगभग 750 प्राध्यापकों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा. इसे भी पढ़ें :धीरेंद्र">https://lagatar.in/dhirendra-shastri-reached-patna-on-a-five-day-tour/">धीरेंद्रशास्त्री पांच दिवसीय दौरे पर पटना पहुंचे, आज शाम से तरेत पाली मठ में करेंगे हनुमत कथा [wpse_comments_template]

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