माइंस ऑफिसर्स एसोसिएशन का चुनाव, ब्लैक डायमंड पैनल के प्रत्याशियों की हुई बैठक
ग्रामीण मजबूरी में सड़क का कर रहे उपयोग
इस सड़क के निर्माण के पूर्व पंचायत तथा प्रखंड के सहयोग से 6 किलो मीटर लंबी सड़क का निर्माण कराया गया था. पंचायतों के पास पैसे नहीं होने के कारण इसके निर्माण की पहल शुरू नहीं की जा सकी है. पंचायत के जनप्रतिनिधि इस पर खुलकर बोलने से कतरा रहे हैं. उनका कहना है कि जब 15वें वित्त का पैसा पंचायतों को आवंटित होगा तो उस आवंटन से कुछ फंड इसमें स्थानांतरित किया जाएगा और प्रखंड प्रशासन के सहयोग से इसको बनाया जाएगा. लेकिन 15वें वित्त का पैसा जब आएगा तब तक पंचायत के लोगों को इस जर्जर सड़क से आवागमन करना होगा. सड़क का उपयोग करने से ग्रामीणों को नरसंडा जाने के लिए कम से कम 8 किलोमीटर दूरी की बचत होती है, इसलिए ग्रामीण मजबूरी में भी इस जर्जर सड़क का उपयोग करते हैं. इसे भी पढ़ें :एलन">https://lagatar.in/gautam-adani-can-beat-elon-musk-anytime-will-become-the-second-richest-person-in-the-world/">एलनमस्क को कभी भी पछाड़ सकते हैं गौतम अडानी, बन जायेंगे दुनिया के दूसरे रईस इंसान! [wpse_comments_template]

Leave a Comment