Chaibasa (Sukesh kumar) : फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के नेतृत्व में कृषि उपज एवं पशुधन विपणन विधेयक 2022 के विरोध में राज्यव्यापी आंदोलन किया जा रहा है. चाईबासा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के आह्वान पर बुधवार को चाईबासा, चक्रधरपुर, सोनुवा, गोईलकेरा, मनोहरपुर, बड़ाजामदा, नोवामुंडी, हाटगम्हरिया, जगन्नाथपुर, मंझारी, तांतनगर, मंझगांव, गुवा, किरीबुरू तथा अन्य सूदूरवर्ती इलाकों में बुधवार से सभी थोक एवं खुदरा खाद्यान व्यवसाई हड़ताल पर रहे. सभी ने अनिश्चितकाल के लिए अपने-अपने प्रतिष्ठनों को बंद करने की घोषणा की है. सामग्री की आवक-जावक व उत्पादन सब अनिश्चित काल के लिए बंद हो गया है. उपभोक्ताओं को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति नहीं होने से उपभोक्ताओं में भी कृषि बिल के प्रति रोष व्याप्त है.
इसे भी पढ़ें : चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-more-than-10000-people-from-the-district-will-participate-in-the-rally-organized-in-ranchi/">चाईबासा
: रांची में आयोजित महारैली में जिले से शामिल होंगे 10 हजार से अधिक लोग कृषि बिल को निरस्त करने की मांग
व्यवसाइयों ने बताया कि कृषि बिल में दो प्रतिशत अतिरिक कर का बोझ सीधे आम जनता पर पड़ेगा. बिल के परिणाम स्वरूप महंगायी बढ़ेगी. अन्य राज्यों का व्यपार फलेगा. अन्य राज्यों के व्यवासाई झारखंड राज्य के व्यवसाइयों के वनस्पद और समृद्ध होंगे. सम्पूर्ण राज्य के राइस मिल, दाल मिल, फ्लौर मिल, वन एवं कृषि उपज से संबंधित उद्योगों का व्यापार चौपट हो जाएगा. ऐसे काले कानून का पुनः झारखंड राज्य की जनता पर सरकार द्वारा थोपा जाना अनुचित है तथा न्यायसंगत नहीं है. कृषि उपज एवं पशुधन विपणन विधेयक 2022 को जब तक सरकार निरस्त नहीं करती है तो बंद जारी रहेगा.
इसे भी पढ़ें : चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-death-sentence-to-five-accused-in-triple-murder-fine-of-one-lakh/">चाईबासा
: तिहरे हत्याकांड में पांच आरोपियों को फांसी की सजा, एक लाख का जुर्माना बंद को सफल बनाने में इनका रहा योगदान
बंद को सफल बनाने हेतु फेडरेशन के कोल्हान क्षेत्रीय उपाध्यक्ष नितिन प्रकाश, चाईबासा चैंबर के अध्यक्ष मधुसूदन अग्रवाल, उपाध्यक्ष शिबू अग्रवाल, विकास गोयल, सचिव संजय चौबे, सयुंक्त सचिव दुर्गेश खत्री, नितिन अग्रवाल, कोषाध्यक्ष आदित्य सारदा, पवन कुमार अग्रवाल, अमित रुंगटा, दीपक प्रसाद, वकील खान, पंकज चिरानिया, मुकेश मोदी, किशन खिरवार, इंद्रजीत रंधावा, बाबूलाल विजयवर्गीय, मनोज पटेल सुशील चौबे मृणाल सराफ सचिन अग्रवाल पिंटू अग्रवाल पप्पू अग्रवाल अमन सुल्तानिया आदि मुख्यालय चाईबासा के कंट्रोल रूम में डटे हुए थे. [wpse_comments_template]
Leave a Comment