: माताजी आश्रम में रामकृष्ण परमहंस देव की 187 वीं जयंती व आश्रम का वार्षिकोत्सव 26 फरवरी को
रोजी रोजगार का मुख्य साधन है
[caption id="attachment_547744" align="aligncenter" width="300"]alt="" width="300" height="200" /> कच्चू के साग को बेचती महिला.[/caption] सूखे साग के पत्ते को बेचने वाली कुमारडुगी से आई विक्रेता सावित्री बोदरा ने बताया वह कच्चू के साग को बेचती है इसे सीजन में काटकर सुखाया जाता है और पूरे 9 महीने तक इसकी बिक्री की जाती है. यह हमारी अर्थव्यवस्था का आधार है. इसके अलावा अन्य भी उत्पाद है जिसे लाकर बेचते और इससे घर का रोजी रोजगार चलता है. उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र से बहुत सारी ग्रामीण पुरुष महिला आते हैं जो अपने उत्पाद को लेकर यहां पर बेचते हैं. इसे भी पढ़ें :पूर्णिया:">https://lagatar.in/purnia-amazing-story-of-amazing-love-57-year-old-boyfriend-and-48-year-old-girlfriend-got-married-by-punches/">पूर्णिया:
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