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चाईबासा : ग्रामीण अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार है जंगल में पाई जाने वाली वनस्पतियां

Chaibasa (Ramendra Kumar Sinha) : जंगल में पाई जाने वाली विविध वनस्पतियां औषधीय वनस्पतियां कंदमूल अलग-अलग प्रकार के पत्ते जो जंगलों में बहुतायत पाए जाते हैं. वे सभी ग्रामीण अर्थव्यवस्था के आधार है. हर मंगलवार को औषधीय पौधों को लेकर ग्रामीण महिलाएं बाजार में बेचने आती है और उनके खरीददार उसे खरीदते हैं . बाजार में इस तरह के बहुत सारे विक्रेता आते हैं अपने सामानों को बेचते हैं. यही उनके लिए अर्थव्यवस्था का आधार है. इसे भी पढ़ें :जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-the-187th-birth-anniversary-of-ramakrishna-paramahansa-dev-and-the-anniversary-of-the-ashram-will-be-celebrated-on-february-26-at-mataji-ashram/">जमशेदपुर

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रोजी रोजगार का मुख्य साधन है

[caption id="attachment_547744" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/02/WANSPATI-300x200.jpg"

alt="" width="300" height="200" /> कच्चू के साग को बेचती महिला.[/caption] सूखे साग के पत्ते को बेचने वाली कुमारडुगी से आई विक्रेता सावित्री बोदरा ने बताया वह कच्चू के साग को बेचती है इसे सीजन में काटकर सुखाया जाता है और पूरे 9 महीने तक इसकी बिक्री की जाती है. यह हमारी अर्थव्यवस्था का आधार है. इसके अलावा अन्य भी उत्पाद है जिसे लाकर बेचते और इससे घर का रोजी रोजगार चलता है. उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र से बहुत सारी ग्रामीण पुरुष महिला आते हैं जो अपने उत्पाद को लेकर यहां पर बेचते हैं. इसे भी पढ़ें :पूर्णिया:">https://lagatar.in/purnia-amazing-story-of-amazing-love-57-year-old-boyfriend-and-48-year-old-girlfriend-got-married-by-punches/">पूर्णिया:

अजब प्रेम की गजब कहानी! 57 साल के प्रेमी और 48 की प्रेमिका की पंचों ने करवाई शादी
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