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चाईबासा: कोल्हान गवर्नमेंट इस्टेट को हो समाज के संगठनों ने किया खारिज, कहा-इससे कोई लेनादेना नहीं

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Chaibasa: कोल्हान गवर्नमेंट इस्टेट के नाम से उत्पन्न अति संवेदनशील घटना एवं मुद्दे को लेकर आदिवासी हो समाज महासभा एवं अंगीकृत शाखाओं के संयुक्त पहल पर महासभा परिसर हरिगुटू चाईबासा में राविवार को मानकी-मुंडा संघ, जोहार संगठन तथा अन्य सामाजिक संगठनों के साथ सामाजिक स्तर पर उच्च स्तरीय बैठक की गई. जिसमें विल्किंशन रूल्स, पांचवीं अनुसूची, पेसा कानून, समता जजमेंट जैसे कानूनों पर विचार– विमर्श किया गया. बुद्धिजीवियों एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों द्वारा संवेदनशील मुद्दों पर विचार प्रस्तुत कर रायशुमारी के क्रम में विभिन्न बिंदुओं पर विचार विमर्श किया गया. जिसमें कोल्हान गवर्नमेंट इस्टेट को आदिवासी हो समाज महासभा, आदिवासी हो समाज युवा महासभा, आदिवासी हो समाज सेवा निर्मित संगठन एवं मानकी मुंडा संघ ने खारिज किया. संगठनों ने कहा कि इसका हो समाज से कोई लेनादेना नहीं है. यह सिर्फ कुछ स्वार्थी तत्‍वों द्वारा हो समाज और कोल्हान को बदनाम एवं पैसा कमाने का माध्यम बनाया गया है. इसे भी पढ़ें: किरीबुरु">https://lagatar.in/kiriburu-the-body-of-a-deranged-woman-from-rovam-village-was-found-between-akahata-and-rajabasa-village/">किरीबुरु

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स्वार्थी तत्वों को अपने मकसद में सफल नहीं होने देगा हो समाज

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alt="" width="300" height="169" /> वक्‍ताओं ने कहा कि मौजूदा समय में खेवट सिस्टम भारत की आजादी के बाद से समाप्त है. जब खेवट ही नहीं है फिर खेवटदार पर मानकी या मुंडा का मतलब नहीं बनता. छोटानागपुर रूलर पुलिस एक्ट 1914  कोल्हान में लागू नहीं था. फिर इस एक्ट के तहत पुलिस बहाली पूर्णतया गलत एवं गैर कानूनी है. हो समाज में मौजूदा विवाद के मद्देनजर निर्णय लिया गया कि उपरोक्त संगठनों के मार्फत स्वार्थी तत्वों को अपने मकसद में सफल नहीं होने देंगे. कोल्हान में अमन चैन को पुनः बहाल करने का प्रयास करेंगे. समाज के युवाओं से अपील की गई कि स्वार्थी तत्वों के बहकावे पर न आएं और शांति बनाए रखें.

 प्रमंडल स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा

उत्पन्न विवाद एवं अशांति को नियंत्रण करने तथा गतिरोध को दूर करने के लिए प्रमंडल स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा. जागरूकता अभियान कार्यक्रम में महासभा, मानकी-मुंडा संघ, युवा महासभा, जोहार संगठन, सेवानिवृत संगठन तथा अन्य सामाजिक संगठनों से समन्वय बनाकर काम किया जाएगा. इसके लिये आगामी तीन फरवरी को निर्धारित बैठक में अभियान कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार होगी. समाज में कोल्हान गवर्नमेंट इस्टेट के नाम से गलत व्‍याख्‍या तथा दुष्प्रचार करनेवालों के विरूद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए 23 जनवरी को मुफ्फसिल थाना में हुई हिंसात्मक घटना का कड़ी-भर्त्सना की गई. इसके अलावा निर्दोष आवेदकों पर कानूनी कार्रवाई नहीं करने की पुलिस-प्रशासन से मांग की गई. जिसको लेकर कोल्हान प्रमंडल एवं तीनों जिला के प्रशासन को तीन दिनों के अंदर मांग-पत्र सौंपी जाएगी.

यह रहे उपस्थित

बैठक में मुख्य रूप से बिहार विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर सह महासभा पूर्व अध्यक्ष देवेन्द्र नाथ चांपिया, महासभा पूर्व महासचिव मुकेश बिरूवा, मानकी-मुंडा संघ केंद्रीय अध्यक्ष गणेश पाट पिंगुवा, उपाध्यक्ष कालीचरण बिरूवा, कृष्णा सामड, मोरनसिंह तामसोय, मानकी दलपत देवगम, मानकी सिद्धेश्वर सामड, मानकी रामेश्वर बोदरा, मानकी राजनिकेश पाट पिंगुवा, मुंडा ब्रजमोहन पुरती, मुण्डा बामिया पुरती, मुंडा गांगू सुन्डी, मुंडा सुरेश बिरूली, बासिंह सुरीन, रान्दो कोड़ा, मुंडा जुन्डिया सिंकू, महासभा कोषाध्यक्ष चैतन्य कुंकल, मानसिंह सामड, संयुक्त सचिव बामिया बारी, शिक्षा सचिव जवाहर लाल बंकिरा, महासचिव यदुनाथ तियु, सेवानिवृत संगठन उपाध्यक्ष बागुन बोदरा, हरिचरण हाईबुरू, चंपई बोयपाई, विजय सिंह सुम्बरूई, देवेन्द्र बारी, अंजु सामड,सिकंदर तिरिया,नरेश पिंगुवा, युवा महासभा केन्द्रीय अध्यक्ष डॉ बबलू सून्डी एवं युवा महासभा टीम मौजूद थी. इसे भी पढ़ें: किरीबुरु">https://lagatar.in/kiriburu-in-bundu-village-of-tonto-police-station-in-superstition-11-days-ago-a-couple-was-killed-and-the-half-burnt-body-was-hidden-in-the-forest/">किरीबुरु

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