: शादीशुदा युवती साथ नहीं गई तो युवक ने उसके गले पर ब्लेड मारा
पुणे में चार महिने इलाज कराया गया था
1971 में पाकिस्तान के साथ युद्ध में पोदना के दायें पैर में गोली लग गई थी. इससे वो गंभीर रूप से घायल हो गये थे. पुणे में चार महिने इलाज किया गया और उसके बाद वे ठीक होकर अपने घर आ गये. सरकार ने उन्हें पांच एकड़ जमीन, किसी एक परिजन को नौकरी तथा खेती के लिये सिंचाई के लिए कुंआ तथा पांच एकड़ जमीन खेती करने के लिए देने का निर्देश दिया था, उस निर्देश के आलोक में सैनिक परिषद सिहभूम चाईबासा ने तत्कालीन उपायुक्त को ये सारी सुविधा उपलब्ध कराने के लिए निर्देश दिया था. पर आज तक उस दिशा में अब-तक कोई कार्रवाई नहीं की गई. हार कर पोदना बालमुचू पिछले पांच दिनों से धरने पर बैठे हुए है. लेकिन आज-तक प्रशासन का कोई अधिकारी उनके पास जानकारी लेने तक नहीं आया. इसे भी पढ़ें :किरीबुरू">https://lagatar.in/kiriburu-police-launched-search-operation-against-naxalites-in-kolhan-reserve-forest-area/">किरीबुरू: कोल्हान रिजर्व वन क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ पुलिस ने चलाया सर्च ऑपरेशन [wpse_comments_template]

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