alt="" width="600" height="400" /> इसे भी पढ़ें : सोरेन">https://lagatar.in/jharkhand-would-have-become-a-separate-state-in-1993-itself-if-the-soren-family-wanted-sudesh/">सोरेन
परिवार चाहता तो 1993 में ही झारखंड अलग राज्य बन जाता : सुदेश अंशिका पाट पिंगवा, नीलंबर राम रश्मि साहु, रोहित साह, यश सिन्हा, शिवम कुमार को सांत्वना पुरस्कार दिया गया. सांस्कृतिक संध्या में मुस्कान ग्रुप द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया. साथ ही एकल नृत्य अर्पिता राय ने प्रस्तुत किया. उसके बाद स्थानीय कलाकारों ने देशभक्ति गीत सुनाया. मेला आयोजन और कार्यक्रम को सफल बनाने में राम अवतार राम रवि, कामेश्वर विश्वकर्मा, शशिकांत ठाकुर, रितेश कुमार पिंटू, अजय झा, अजय मोहता, शिव बजाज, बंसी यादव, दिलीप साव, श्यामल दास, पप्पू राय, हेमराज निषाद, कमल महंती ने सराहनीय योगदान दिया. [wpse_comments_template]

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