Chaibasa (Sukesh Kumar) : पुटिदा से लेकर चाईबासा केलेंडे इंजीनियरिंग कॉलेज के बीच 18.74 किलोमीटर लंबी फोरलेन बायपास सड़क निर्माण का विरोध शुरू हो गया है. इस सड़क का निर्माण 600 करोड़ रुपए की लागत से होगा. इस सड़क निर्माण का विरोध झारखंड पुनरुत्थान अभियान कर रही है. इस बायपास सड़क निर्माण से आदिवासी मूलवासियों की एक नंबर उपजाऊ भूमि का अधिग्रहण होगा. इससे आदिवासी और मूलवासियों को भविष्य में खाद्यान्न संकट का सामना करना पड़ेगा. भूमि अधिग्रहण कानून 2013 में एक नंबर उपजाऊ भूमि का अधिग्रहण का प्रतिषेध करती है. साथ ही उच्चतम न्यायालय का समता जजमेंट में भी इसका व्याख्या की गई है. यह प्रतिक्रिया झारखंड पुनरुत्थान अभियान के संस्थापक सदस्य पूर्व सांसद चित्रसेन सिंकू ने दी है. झारखंड पुनरुत्थान अभियान के संयोजक सन्नी सिंकु ने कहा कि सिंहभूम संसदीय क्षेत्र की सांसद गीता कोड़ा का कहना कि इस बायपास सड़क निर्माण के लिए उन्होंने समुचित प्रयास किया है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है. राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी केंद्रीय सड़क मंत्री नितिन गडकरी ने कई बार कहा है कि किसानों की उपजाऊ भूमि का अधिग्रहण नहीं किया जाएगा. इसे भी पढ़ें : स्थानीय">https://lagatar.in/workshop-on-the-planning-act-of-local-candidates-dc-gave-many-important-information/">स्थानीय
उम्मीदवारों के नियोजन अधिनियम विषय पर कार्यशाला, डीसी ने दी कई अहम जानकारी ऐसे सुझाव न देकर आदिवासी मूलवासियों की उपजाऊ एक नंबर खेत को सड़क के लिए अधिग्रहण करने के अनुरूप प्रारूप तैयार करना आदिवासी मूलवासी विरोधी और लीज में बसे शहर के लोगों की हित का रक्षा करने की भावना निहित दिखाई देता है. झारखंड पुनरूत्थान अभियान के संयोजक कोलंबस हंसदा ने कहा कि ऐसी सड़क का निर्माण सिर्फ बड़े पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने वाली परियोजना है. प्रतिक्रिया देने वालों में झारखंड पुनरुत्थान अभियान के शैली शैलेंद्र सिंकू, बालकृष्ण डोराईबुरू, परगना डोराईबुरु, धनु डोराईबुरु शामिल हैं. [wpse_comments_template]
चाईबासा : 600 करोड़ की लागत से बनने वाली फोरलेन बायपास सड़क निर्माण का होगा विरोध : सिंकु

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