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चाईबासा: कुपोषण नियंत्रण के लिये 52 लोगों को दिया गया प्रशिक्षण

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Chaibasa :  कुपोषण और एनीमिया के निवारण हेतु दो दिवसीय जिला स्तरीय आवासीय प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रथम बैच को चलाया गया. यह कार्यक्रम 1000 दिवसीय समर कार्यक्रम स्ट्रेटजिक एक्सन फॉर एलिभिएशन ऑफ माल न्युट्रिशन एंड एनिमिया के तहत किया गया है. यह प्रशिक्षण प्रमंडलीय प्रशिक्षण संस्थान पाताहातु, चाईबासा में आयोजित किया गया था. इसमें सेन्टर फॉर स्टेट एक्सीलेंस, सीवियर एक्युट माल न्युट्रिशन, रिम्स रांची, यूनिसेफ झारखंड ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया. [caption id="attachment_270016" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/03/kuposhan-and-animia-300x101.jpg"

alt="" width="300" height="101" /> डीटीआई भवन के सामने खड़ी टीम में प्रशिक्षण लेने वाले और प्रशिक्षण देने वाले दल एक साथ.[/caption]

पोषण दल के सदस्यों को प्रशिक्षित प्रशिक्षकों द्वारा किया जाएगा प्रशिक्षित

कार्यक्रम के प्रथम बैच में आठ प्रखंडों के कुल 52 चिकित्सा पदाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, महिला पर्यवेक्षिका और जेएसएलपीएस के प्रतिनिधियों ने भाग लिया. इस प्रशिक्षण में प्रशिक्षक के तौर पर डॉ. जगन्नाथ हेम्ब्रम, चिकित्सा पदाधिकारी, अजय वर्मा, राज्य समन्वयक, झारखंड राज्य पोषण मिशन, रांची, राम नाथ राय, पोषण सलाहकार, पश्चिमी सिंहभूम, बेस बिरूउली, एनीमिया मुक्त भारत फेलो, पश्चिमी सिंहभूम और समिता मंडल, जिला समन्वयक, पश्चिमी सिंहभूम ने भाग लिया. इस प्रशिक्षण के उपरांत सभी आंगनबाड़ी केन्द्र स्तर पर गठित पोषण दल के सदस्यों को प्रशिक्षित प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षित किया जाएगा. इसे भी पढ़ें : कोयला">https://lagatar.in/ed-summons-mamatas-nephew-mp-abhishek-banerjee-wife-rujira-in-coal-scam-case/">कोयला

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समुदाय स्तर पर चलेगा विशेष अभियान

कुपोषण और एनिमिया के नियंत्रण के लिये आंगनबाडी केन्द्र प्रमुख केन्द्र होगा. इसे एक विशेष उपचार केन्द्र के रूप में चिन्हित किया जाएगा. यहां से समुदाय स्तर पर कुपोषण नियंत्रण के लिये विशेष अभियान चलाया जायेगा. इस कुपोषण अभियान के संचालन के लिये जिला स्तर पर 2268 टीमो का गठन किया गया है. हर प्रखंड स्तर पर एक रिर्सोस ग्रुप का गठन किया गया है. इसमें प्रखंड के विकास पदाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, प्रखंड के चिकित्सा पदाधिकारी और प्रखंड के बीपीआरओ, जेएसएलपीएस को शामिल किया गया है. इनके माध्यम ये प्रखंडस्तर पर एनिमिया व कुपोषण के स्तर की जांच में सहयोग किया जाएगा. इसे भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-holi-milan-not-for-party-discussion-raj-sinha/">धनबाद

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