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चाईबासा : रवीन्द्र नाथ टैगोर की दो रचनाएं दो देशों का राष्ट्रगान है : शिक्षिका

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Chaibasa : सूरजमल जैन डीएवी पब्लिक स्कूल में कवि गुरु रवीन्द्र नाथ टैगोर की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई.  मौके पर आयोजित विशेष प्रार्थना सभा में दीप प्रज्ज्वलन के साथ कवि गुरु के चित्र पर शिक्षक-शिक्षिकाओं ने पुष्पांजलि अर्पित की. प्राचार्या रेखा कुमारी ने प्रार्थना सभा को संबोधित करते हुए कहा कि रवीन्द्र नाथ टैगोर एक युग प्रवर्तक कवि थे उनकी रचनाएं भारतीय संस्कृति का प्रतीक हैं. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर:">https://lagatar.in/jamshedpur-car-collided-with-tempo-in-marine-drive-three-injured/">जमशेदपुर:

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भारतीय सांस्कृतिक चेतना जागृत की थी

[caption id="attachment_306095" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/05/22-300x225.jpeg"

alt="" width="300" height="225" /> विश्व गुरु के चित्र पर माल्यार्पण करती विद्यालय की प्रचार्या रेखा कुमारी[/caption] शिक्षिका मनीषा सिन्हा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि रवीन्द्र नाथ टैगोर ऐसे कवि थे जिनकी दो रचनाएं दो देशों का राष्ट्रगान है. शिक्षक देवानंद तिवारी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि कवि गुरु एक विश्व विख्यात कवि, साहित्यकार ,दार्शनिक, संगीतकार ,चित्रकार और नाटककार थे. उन्होंने अपने साहित्य के माध्यम से लोगों में भारतीय सांस्कृतिक चेतना जागृत की थी. संगीत शिक्षक ओसी दास के नेतृत्व में श्रेया रॉय व शाइनी दत्ता ने रवीन्द्र संगीत प्रस्तुत किया.  मंच संचालन अनुष्का कच्छप ने किया. [wpse_comments_template]    

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