: शिव मंदिर में हर्षोल्लास से मनाई गई बाल गोपाल की छठी
महाभारत के अभिमन्यु व उत्तरा की कथा से जुड़ी है श्री राणी सती जी के अवतरण की कथा
उन्होंने बताया कि श्री राणी सती जी के अवतरण की कथा महाभारत के अभिमन्यु व उत्तरा की कथा से जुड़ी है. श्री कृष्ण के वरदान प्राप्ति के पश्चात कलयुग में श्री दुर्गा स्वरूपिणी श्री राणी सती जी की पूजा नारी शक्ति के रूप में त्रिशूल के रूप में की जाती है. ऐसी मान्यता है इस दिन पूजा व आराधना करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. विदित हो कि मंदिर का जीर्णोद्धार वर्ष 2008 में एसआर रुंगटा ग्रुप द्वारा कराया गया था. वहीं, कार्यक्रम की सफलता हेतु कार्यक्रम संयोजक राकेश बुधिया, कन्हैया अग्रवाल, इन्द्र पसारी, रमेश खिरवाल, नरेश अग्रवाल, तन्मय पसारी, अभिषेक पसारी, अंचल पसारी सहित मंदिर से जुड़े सदस्य व भक्त गण आदि कार्यरत हैं. इसे भी पढ़े : नोवामुंडी">https://lagatar.in/noamundi-the-agitator-of-the-1980-guava-shooting-has-not-received-any-respect-till-date/">नोवामुंडी: 1980 के गुवा गोलीकांड के आंदोलनकारी को आज तक नहीं मिला सम्मान [wpse_comments_template]

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