Chaibasa (Ramendra kumar Sinha) : जेवियर कल्याण केंद्र चाईबासा में दो दिवसीय चौथे पश्चिमी सिंहभूम जिला कराटे प्रतियोगिता का शुभारंभ शनिवार को हुआ. प्रतियोगिता में लगभग 200 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं. प्रतियोगिता में काता एवं कुमिते की स्पर्धा होगी. प्रतियोगिता में प्रथम दिन मुख्य अतिथि के रूप में सदर एसडीओ शशिंद्र कुमार बड़ाईक, विशिष्ट अतिथि एसडीपीओ दिलीप खलखो, जिला खेल पदाधिकारी रूपा रानी तिर्की और जिला ओलंपिक संघ के अध्यक्ष नितिन प्रकाश समेत अन्य उपस्थित थे. कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया. इसे भी पढ़ें : चांडिल">https://lagatar.in/chandil-an-atmosphere-of-sorrow-instead-of-happiness-due-to-rain-farmers-happy-and-displaced-worried/">चांडिल
: बारिश से कहीं खुशी कहीं गम का माहौल, किसान खुश तो विस्थापित चिंतित
https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/08/19rc_m_66_19082023_1-1-1.jpg"
alt="" width="600" height="400" /> कार्यक्रम का उद्घाटन करते अतिथिगण[/caption] कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि एसडीओ शशिंद्र कुमार ने कहा कि हार-जीत खेल के साथ साथ जीवन का भी पहलू है, इसीलिए हार से न घबराएं और पूरी मेहनत कर सफलता हासिल करें. मेहनत ही जीत की कूंजी है. प्रत्येक बच्चों को कराटे का प्रशिक्षण लेना चाहिए. विशिष्ट अतिथि जिला खेल पदाधिकारी रूपा रानी तिर्की ने कहा कि कराटे प्रतियोगिता में एक दूसरे से प्रतिस्पर्धा हेतु लगन और ईमानदारी से मेहनत करना जरूरी है. कराटे जीवन जीने का तरीका सिखाता है. जिला ओलंपिक संघ के अध्यक्ष ने कहा कि ऐसे आयोजन से ही बच्चों की प्रतिभा निखरती है. जिला स्तरीय प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन कर राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर अपना व अपने परिवार का नाम रोशन करें. इसे भी पढ़ें : चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-uproar-of-students-due-to-non-commencement-of-ug-semester-one-examination-in-womens-college-on-time/">चाईबासा
: महिला कॉलेज में यूजी सेमेस्टर वन की परीक्षा समय पर शुरू नहीं होने से विद्यार्थियों का हंगामा
: बारिश से कहीं खुशी कहीं गम का माहौल, किसान खुश तो विस्थापित चिंतित
हार से न घबराएं, पूरी मेहनत करें
[caption id="attachment_734360" align="aligncenter" width="600"]alt="" width="600" height="400" /> कार्यक्रम का उद्घाटन करते अतिथिगण[/caption] कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि एसडीओ शशिंद्र कुमार ने कहा कि हार-जीत खेल के साथ साथ जीवन का भी पहलू है, इसीलिए हार से न घबराएं और पूरी मेहनत कर सफलता हासिल करें. मेहनत ही जीत की कूंजी है. प्रत्येक बच्चों को कराटे का प्रशिक्षण लेना चाहिए. विशिष्ट अतिथि जिला खेल पदाधिकारी रूपा रानी तिर्की ने कहा कि कराटे प्रतियोगिता में एक दूसरे से प्रतिस्पर्धा हेतु लगन और ईमानदारी से मेहनत करना जरूरी है. कराटे जीवन जीने का तरीका सिखाता है. जिला ओलंपिक संघ के अध्यक्ष ने कहा कि ऐसे आयोजन से ही बच्चों की प्रतिभा निखरती है. जिला स्तरीय प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन कर राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर अपना व अपने परिवार का नाम रोशन करें. इसे भी पढ़ें : चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-uproar-of-students-due-to-non-commencement-of-ug-semester-one-examination-in-womens-college-on-time/">चाईबासा
: महिला कॉलेज में यूजी सेमेस्टर वन की परीक्षा समय पर शुरू नहीं होने से विद्यार्थियों का हंगामा
Leave a Comment