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चाईबासा : केयू परिसर में संचालित केनरा बैंक कर्मियों के प्रवेश पर विवि प्रबंधन ने लगाई रोक

Chaibasa (Sukesh kumar) : कोल्हान विश्वविद्यालय परिसर में संचालित केनरा बैंक के कर्मियों को एक अक्टूबर से कैंपस में प्रवेश पर विवि प्रबंधन ने रोक लगा दी है. इससे संबंधित नोटिस विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन की ओर से जारी किया गया है. इसमें दिसंबर माह से प्रत्येक माह 50,000 रुपये मासिक शुल्क के रूप में विश्वविद्यालय को देने की बात कही गई है. अचानक इस तरह से नोटिस जारी होने पर केनरा बैंक प्रबंधक असमंजस की स्थिति में है. वर्ष 2014 से प्रत्येक माह 25,000 रुपये किराए के रूप में देने का आदेश जारी किया गया है. वहीं दिसंबर 2022 से प्रत्येक माह 50,000 रुपये मासिक किराया के तहत जमा करने की बात कही गई है. नियम का पालन नहीं होने पर विवि की ओर से कार्रवाई शुरू कर दी गई है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर:">https://lagatar.in/jamshedpur-tsuisl-engaged-in-an-exercise-to-end-the-jam-at-mango-bus-stand-roundabout/">जमशेदपुर:

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30 सितंबर तक बकाये राशि का करना था भुगतान

[caption id="attachment_442889" align="aligncenter" width="600"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/10/chaibasa-canera-bank-1.jpeg"

alt="" width="600" height="400" /> विश्वविद्यालय द्वारा जारी आदेश पत्र[/caption] मालूम हो कि कोल्हान विश्वविद्यालय परिसर में विद्यार्थियों का चालान के अलावा अन्य कई कार्यों के लिए विश्वविद्यालय से आदेश लेकर कई वर्षों से सरकारी बैंक यहां चल रहा है. विश्वविद्यालय ने कहा है कि नियम का पालन नहीं करने पर बैंक कर्मियों को विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश करने पर पाबंदी लगाई गई है. जारी नोटिस में 30 सितंबर तक बकाया राशि भुगतान करने का आदेश बैंक को दिया गया था. इसे भी पढ़ें : किरीबुरु">https://lagatar.in/kiriburu-mine-management-gave-crores-of-rupees-in-dmft-fund-but-development-of-villages-did-not-happen/">किरीबुरु

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छात्र प्रतिनिधि ने जताया विरोध

इधर, बैंक को नोटिस मिलने पर छात्र प्रतिनिधि सुबोध महाकुड़ ने कहा कि छात्र हित को लेकर बैंक काम कर रहा है. यदि यहां से बैंक हट जाता तो विद्यार्थियों को चालान भरने में काफी परेशानी होगी. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की इस नीति के खिलाफ विरोध किया जाएगा. बरसों से विश्वविद्यालय परिसर में सरकारी बैंक संचालित हो रहा है. विद्यार्थियों से लेकर शिक्षकों का लाभ पहुंच रहा है. [wpse_comments_template]

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