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चाईबासा : ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक से स्वतंत्रता पूर्वक मागे परब मनाने देने का किया अनुरोध

Chaibasa (Sukesh kumar) : अंजेड़बेड़ा गांव (सदर प्रखंड, पश्चिमी सिंहभूम) के आदिवासियों ने 26 फरवरी को ग्राम सभा किया. ग्राम सभा में मागे परब स्वतंत्रता पूर्वक मनाने देने के लिए पुलिस अधीक्षक, पश्चिमी सिंहभूम से मांग की गई. सोमवार को अंजेड़बेड़ा गांव में ग्रामीणों की एक बैठक भी हुई. इलाके में जब से अर्द्धसैनिक बल द्वारा नक्सलवाद के खात्मा के नाम पर अभियान चलाया जा रहा है तब से ग्रामीणों के संवैधानिक अधिकार का हनन किया जा रहा है. इसे भी पढ़ें :जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-tapan-brahmachari-gave-initiation-to-200-people-in-akhand-sammelan/">जमशेदपुर

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ग्रामीणों को प्रताड़ित किया जाता है

ग्रामीण ना जंगल से पत्ता-लकड़ी ला पा रहे रहे है, ना ही मवेशियों को आजादी से चरा पा रहे हैं. हाट बाजार से राशन व जरूरी समान भी नहीं ला पा रहे हैं. गांव-जंगल में सामान्य काम व अपनी जीविका सम्बंधित कार्यों को करने पर भी सुरक्षा बल द्वारा अनावश्यक रूप से पूछ-ताछ की जाती है. घर में मेहमान आने से पर्व में खाने के चावल के साथ हाड़िया बनाने के लिए चावल का सामान्य दिनों से ज्यादा मात्रा में खर्च होता है. लेकिन जब ग्रामीण 50 किलो चावल भी लाते हैं तो अर्द्धसैनिक बल द्वारा नक्सली के लिए राशन ले जाने के नाम पर रोक दिया जाता है और विभिन्न प्रकार से प्रताड़ित किया जाता है. इसे भी पढ़ें :जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-patanjali-district-executive-committee-meeting-held-at-gandhi-ghat/">जमशेदपुर

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निर्दोष आदिवासियों को माओवादी करार दिया जा रहा

ग्रामीणों को मजबूरन ग्राम सभा कर पुलिस अधीक्षक चाईबासा से स्वतंत्र रूप से मागे पर्व मनाने के लिए निवेदन करना पड़ा है. साथ ही, उपायुक्त पश्चिमी सिंहभूम, गृह सचिव, स्थानीय सांसद व विधायक को पत्र सौंपा गया है. ग्रामीणों ने कहा कि 27 फरवरी से उनका मागे पर्व शुरू हो रहा है. उन्होंने पुलिस से अनुरोध किया है कि उन्हें बिना रोक–टोक पर्व मनाने दिया जाए. पर्व में जंगल में पूजा होती है, वापस आकर रातभर नाच–गाना होता है, मेहमान आते हैं सप्ताह भर एक दुसरे के घर आना-जाना होते रहता है. जब से गांव में सीआरपीएफ का कैंप जबरन लगाया गया है और नक्सल अभियान चलाया जा रहा है, तब से गांव में डर और दमन का माहौल है. निर्दोष आदिवासियों को माओवादी करार दिया जा रहा है. फर्जी मामले में थाना में प्रताड़ित किया जा रहा है. इसे भी पढ़ें :धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-nirsa-police-seized-two-pickup-vans-with-40-tonnes-of-coal/">धनबाद:

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