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चाईबासा : ग्रामीणों की सुविधा के लिए लगाए गए जल मीनार आज हो गए हैं बेकार

Chaibasa : पंचायती राज व्यवस्था के लागू होने के बाद पंचायतों के मुखिया द्वारा अपने-अपने पंचायत के विभिन्न गांव में पेयजल सुविधा को सुनिश्चित करने के लिए सोलर जल मीनार लगवाया गया है. एक अनुमान के अनुसार 14 व 15वें वित्तीय सहयोग से लगभग 2000 से अधिक सोलर जल मीनार विभिन्न पंचायतों में लगाए गए हैं. लेकिन आज उन जल मीनारों की स्थिति बहुत ही खराब है. कुछ जल मीनारों ने पानी देना ही बंद कर दिया है, तो कुछ के प्लेट तो किसी के स्टार्टर खराब हो गए हैं. लेकिन इसे ठीक करवाने की जिम्मेवारी ग्राम पंचायत के मुखिया भी नहीं ले रहे हैं. जल मीनारों को ठीक करवाने के नाम पर बताया जा रहा है कि उनके पास फंड की कमी है. इसे भी पढ़े : आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-plan-made-for-more-water-supply-in-municipal-corporation/">आदित्यपुर

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ग्रामीणों को नहीं मिल रही जल मीनार की सुविधा : जॉन मिरन मुंडा

झींकपानी प्रखंड के जिप सदस्य जॉन मिरन मुंडा ने बताया कि पंचायतों के माध्यम से जितने भी जल मीनार लगाए गए हैं, उसमें से कुछ को छोड़कर अधिकांश का फायदा ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है. उनमें अनेक समस्याएं हैं, जिसको न तो पूर्व के मुखिया ने ठीक कराया और न ही वर्तमान के मुखिया ने. वहीं, टोन्टो प्रखंड के पूरनापानी पंचायत के पूरनापानी गांव के टोला मुंडा बस्ती के ग्रामीण सिद्धू सुंडी ने बताया कि मुखिया फंड से निर्मित सोलर जल मीनार पूरी तरीके से बेकार हो गया है. लंबे समय से खराब जल मीनार को ठीक कराने का प्रयास नहीं किया गया. जिसका नतीजा यह है कि सोलर जल मीनार से पानी नहीं मिल रहा. साथ ही आसपास के हैंडपंप ने भी काम करना बंद कर दिया है. पानी को लेकर बहुत समस्या हो गई है. इसे भी पढ़े : सरायकेला">https://lagatar.in/seraikela-coal-laden-trailer-overturns-on-kandra-railway-over-bridge-major-accident-averted/">सरायकेला

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पीएचईडी ने भी लगवाया 450 से अधिक जल मीनार

विदित हो कि पेयजल स्वच्छता प्रमंडल चाईबासा द्वारा विभिन्न पंचायतों में लगभग 450 से अधिक सोलर जल मीनारों को लगवाया गया है. जिसे पंचायतों और विभाग के सहयोग से लगाया गया था. लेकिन इसमें भी गड़बड़ी की आशंका को लेकर इसकी जांच की मांग हमेशा उठती रही है. हालांकि, ज्यादातर जल मीनार पंचायतों में मुखिया के देखरेख में बनवाया गया था. इस कारण इस पर जांच-पड़ताल करने की जहमत कोई भी अधिकारी नहीं उठाना चाहते. इसे भी पढ़े : घाटशिला">https://lagatar.in/ghatshila-government-vehicles-rotted-in-a-clump-of-bushes-in-the-block-office-premises/">घाटशिला

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