alt="" width="540" height="1200" /> Chaibasa (sukesh kumar) : महिला कॉलेज चाईबासा में शुक्रवार को महिला समानता दिवस के अवसर पर वेबिनार का आयोजन किया गया. स्वागत भाषण मोहम्मद करीम हाशमी ने दिया. इस अवसर पर प्राचार्या डॉ प्रीतिबला सिन्हा ने कहा कि यह दिन महिला सशक्तिकरण के लिए मनाया जाता है. उन्होंने बताया कि महिला समानता दिवस 1973 में पहली बार मनाया गया था. यह उस दिन की याद दिलाता है जब संयुक्त राज्य अमेरिका ने महिलाओं को वोट देने का अधिकार दिया था. इसे भी पढ़ें : पाकुड़">https://lagatar.in/pakur-pds-dealer-has-not-given-ration-for-6-months-villagers-blocked-the-road/">पाकुड़
: पीडीएस डीलर ने 6 माह से नहीं दिया राशन. ग्रामीणों ने किया सड़क जाम इस अवसर पर मुख्य वक्ता जमशेदपुर महिला कॉलेज की बीएड की विभागाध्यक्ष डॉ त्रिपुरा झा ने कहा कि महिलाएं पुरुषों से कम नहीं हैं. उन्होंने प्राचीन भारत, मध्यकालीन भारत की महिलाओं का उदाहरण प्रस्तुत किया. उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने आपको सशक्त करना है और एक आदर्श नारी के रूप में स्थापित करना है. आदर्श चरित्र का निर्माण करना है और देश का आदर्श नागरिक बनना है. एनएसएस प्रोग्राम ऑफिसर डॉ अर्पित सुमन ने स्वयं को सशक्त करने के लिए कहा. उन्होंने कहा यह सशक्तता शिक्षा के माध्यम से महिलाओं में आ सकती है. इस अवसर पर प्रोफेसर धनंजय कुमार, अरुणा कुमारी, अन्य प्राध्यापक और बीएड की छात्राएं जुड़ी थीं. [wpse_comments_template]

Leave a Comment