Chaibasa (Ramendra Kumar Sinha) : सदर प्रखंड के नरसंडा गांव में एनजीओ शीतल वाटिका किसान सहयोग केंद्र की ओर से किसानों के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. इसमें ग्रामीण मुखिया राम सुंडी, वार्ड सदस्य लक्ष्मी सुंडी,घीरण सुंडी, शिक्षक जुंबी सुंडी, महिला समूह सदस्य उपस्थित थे. कार्यशाला में किसानों को केंचुआ खाद के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई. बताया गया कि रासायनिक खाद का उपयोग करने से वह धरती की उर्वरा शक्ति को खत्म कर देता है एवं पैदावार में भी कमी आ जाती है. इसे भी पढ़ें : किरीबुरू">https://lagatar.in/kiriburu-the-executive-director-of-sails-jharkhand-group-of-mines-reached-kiriburu-on-a-three-day-visit/">किरीबुरू
: सेल की झारखण्ड ग्रुप ऑफ माइंस के कार्यपालक निदेशक तीन दिवसीय दौरे पर किरीबुरु पहुंचे रासायनिक खाद का अत्यंत उपयोग करने से फल, सब्जी तथा अनाज के स्वाद में भी कमी आ रही है. इसलिए गोबर खाद का उपयोग करें ताकि फल, सब्जी और अनाज में स्वाद या सके. कार्यशाला में देशी खाद का उपयोग करने पर जोर दिया गया है. इस मौके पर संस्था के जिला को-ऑर्डिनेटर लक्ष्मण दास, सदर प्रखंड के लवली पाट पिंगुवा, नरसंडा पंचायत के को-ऑर्डिनेटर राजकुमार प्रजापति ने भी अपने विचारों को रखा. [wpse_comments_template]
चाईबासा : सदर प्रखंड के नरसंडा गांव में किसानों के लिए कार्यशाला आयोजित

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