: टोंटो के पूरनापानी में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया विश्व आदिवासी दिवस [caption id="attachment_384501" align="aligncenter" width="533"]
alt="" width="533" height="355" /> सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते कलाकार[/caption]
धर्म कोड को अलग से पारित करने की जरूरत :बाबूलाल
मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए मुंडा समाज का सलाहकार बाबूलाल बरहा ने कहा कि सरना धर्म कोड को लेकर बरसों से देश में आंदोलन चल रहा है. झारखंड जैसे प्रदेश में कई वर्षों से यह आंदोलन जारी है, अभी भी जोर शोर से आंदोलन चल रहा है. हम लोग मूर्ति पूजक नहीं है, प्राकृतिक पूजक है. हमारी पहचान ही अलग है. सरकार को गंभीरता से लेकर धर्म कोड को अलग से पारित करने की जरूरत है. पहली बार देश में आदिवासी राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू राष्ट्रपति बनी है. इससे हम सब आदिवासियों को गर्व है. उम्मीद करते हैं कि आदिवासी के लिए अलग से सरना कोड पारित किया जाएगा. इसे भी पढ़ें : बहरागोड़ा">https://lagatar.in/baharagora-mla-laid-foundation-stone-of-three-schemes/">बहरागोड़ा: विधायक ने तीन योजनाओं का किया शिलान्यास
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सांसद, विधायक व कई जनप्रतिनिधि हुए शामिल
कार्यक्रम में कई पदाधिकारी के अलावा सिंहभूम के सांसद गीता कोड़ा, विधायक दीपक बिरुवा समेत जिले के विभिन्न स्थानों के विधायक भी पहुंचे और अपनी बातों को रखा. इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने कहा कि आदिवासी की एकता बनाने के लिए हम सब प्रयासरत है. जनप्रतिनिधियों ने कहा कि आदिवासी क्षेत्र में विकास को लेकर सरकार प्रयासरत है. कई योजनाएं चलाई जा रही है, योजनाओं को गंभीरता से लेकर प्रशासन काम करें. ताकि यहां के लोगों का विकास हो सके. इसे भी पढ़ें : सरायकेला">https://lagatar.in/seraikela-tribal-dishom-jahergarh-celebrated-world-tribal-day-with-pomp-in-rajnagar/">सरायकेला: राजनगर में आदिवासी दिशोम जाहेरगढ़ ने धूमधाम से मनाया विश्व आदिवासी दिवस

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