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चाईबासा : अनुभवी जीतू से फुटबॉल के गुर सीख रहे नन्हें भावी फुटबॉलर

 
Chaibasa (Sukesh Kumar) : कहा जाता है कि किसी भी कार्य को अगर बचपन में ही अच्छे से सीख या समझ लिया जाए तो वह ताउम्र स्थायी रहता है. इसलिए हर समझदार इंसान अपने बच्चों को अच्छी चीजें बचपन से सिखाने का भरसक प्रयास करता है. इस कार्य में एक गुणवान प्रशिक्षक मिल जाए तो मानो सोने पे सुहागा. इसी बात को सार्थक साबित करने में जुटा है जिले के प्रख्यात फुटबॉलर जितेन्द्र उर्फ जीतू बारी. वर्ष 2000 के दशक में फुटबॉल खेल के गलियारे में जब बेहतरीन गोलकीपिंग की बातें होती थी तो अनायास ही सबके जुबां से जीतू बारी का नाम सबसे पहले आता था. अपनी जिंदगी में वर्ष 1998 से कोस्को कोचिंग सेंटर से फुटबॉल खेल के क्षेत्र में कदम रखने वाले जीतू वर्तमान में सिंहभूम स्पोर्ट्स एसोसिएशन मैदान में टाटा स्टील फाउंडेशन के सौजन्य से अंडर 10, 12 और 14 आयु वर्ग के बच्चों को फुटबॉल की बारीकियां सिखा रहे हैं. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-police-filed-an-fir-against-the-person-who-posted-the-provocative-post/">जमशेदपुर

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चाईबासा व आस-पास के गांवों के बच्चे ले रहे हैं प्रशिक्षण

जीतू की देखरेख में प्रशिक्षण पा रहे चाईबासा व आस-पास के गांवों के बच्चे जो विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थी हैं, सप्ताह में चार दिन रोज सुबह और शाम प्रशिक्षण में शामिल होते हैं. प्रशिक्षण में बच्चों को फुटबॉल खेल का कौशल सिखाने के साथ-साथ स्टेमिना बढ़ाने के कई अभ्यास कराये जाते हैं. प्रतिष्ठित संतोष ट्रॉफी प्रतियोगिता के लिए तीन बार चयन कैंप में भाग ले चुके जीतू स्वयं जिला टीम का कई बार प्रतिनिधित्व किया है. खेल जीवन में जीतू ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन के बल पर कई व्यक्तिगत पुरस्कार भी अर्जित किये हैं. इसे भी पढ़ें : 9">https://lagatar.in/hemlal-returns-to-jmm-after-9-years-bjp-jolts-in-santhal/">9

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अंतर कॉलेज प्रतियोगिता का नियमित गोलकीपर रहे जीतू

पश्चिमी सिंहभूम के टोंटो प्रखंड के बामेबासा में मखिन्द्र सिंह बारी और हीरामनी बारी के घर जन्मे जीतू टाटा कॉलेज का प्रतिनिधित्व कर अंतर कॉलेज प्रतियोगिता का नियमित गोलकीपर रहे हैं और अपनी बेहतरीन गोलकीपिंग के बदौलत टीम को विजेता भी बनाया है. उन्होंने कहा कि अच्छी बात है कि बच्चे और अभिभावक खेल सीखने को काफी गंभीरता से ले रहे हैं. गोलकीपिंग के अलावा अग्रिम पंक्ति के फुटबॉलर के रूप में खास पहचान बनाने वाले जीतू को आशा है कि बचपन से फुटबॉल के गुर सीख रहे बच्चे भविष्य में बड़े प्रतियोगताओं में अपना जलवा बिखेरते अवश्य नजर आएंगे. [wpse_comments_template]
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