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चैती छठः अस्ताचलगामी सूर्य को व्रतियों ने दिया अर्घ्य

 
Ranchi : चार दिवसीय महापर्व छठ का आज तीसरा दिन है. चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को पहला अर्घ्य दिया गया. व्रतियों ने अस्ताचलगामी सूर्य को विभिन्न नदी, तालाब और अन्य जलश्रोतों पर अर्घ्य दिया. संध्या अर्घ्य के बाद 15 अप्रैल (सोमवार) को उदीयमान सूर्यदेव को अर्घ्य दिया जायेगा. इस दिन सूर्योदय 05 बजकर 28 मिनट पर होगा. इसके बाद व्रतियों के पारण के साथ चार दिवसीय महापर्व छठ का समापन होगा.

केवल छठ में होती है डूबते सूर्य की उपासना

बता दें कि अस्ताचलगामी यानी डूबते सूर्य की उपासना केवल छठ पूजा में ही होती है. ऐसा माना जाता है कि इस समय सूर्य अपनी दूसरी पत्नी प्रत्यूषा के साथ रहते हैं. इसीलिए प्रत्यूषा को अर्घ्य दिया जाता है. शाम के समय सूर्य की आराधना से जीवन में संपन्नता आती है. अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देने से हर तरह की परेशानी दूर होती है. [wpse_comments_template]
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