ग्राम सभा, पेसा एक्ट, अनुसूचित क्षेत्रों के लिए बने कानूनों पर हुई चर्चा
इस मौके पर मौजूद आदि संस्कृति विज्ञान संस्थान के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष दामोदर सिंह हांसदा, केरा पीढ़ के मानकी सिद्धेश्वर सामड, सामाजिक कार्यकर्ता शशांक शेखर, अंकुर शाश्वत ने जयपाल सिंह मुंडा व सावित्री बाई फुले की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने की बात कही. इस दौरान पारंपरिक ग्राम सभा, पेसा एक्ट, अनुसूचित क्षेत्रों के लिए बने कानूनों पर विशेष रूप से चर्चा की गई. जहां उपस्थित लोगों ने इन बिंदुओं पर अपनी अपनी बातें रखीं.संविधान, भाषा, संस्कृति, सभ्यता को बचाए रखने के युवा आगे आएं
खासकर संविधान, अपनी भाषा संस्कृति, सभ्यता को बचाए रखने के लिए युवाओं को आगे आने की बात कही गई. इस दौरान चिटपिल के पीढ़ के मानकी बागुन सोय ने कहा कि युवाओं को सही मायने में संवैधानिक मूल्यों को समझना और उन पर अपनी समझ बनाना बहुत जरूरी है. इस अवसर पर बाईहातु गांव के मुंडा माधव केराई, रासमनी तांती, सोम मुखी के अलावे जवाहर लाल नेहरू कॉलेज के छात्र व छात्राएं मौजूद थीं. इसे भी पढ़ें : मरांग">https://lagatar.in/marang-gomke-tribal-community-demands-bharat-ratna-on-the-birth-anniversary-of-jaipal-singh-munda/">मरांगगोमके जयपाल सिंह मुंडा की जयंती पर आदिवासी समुदाय ने की भारत रत्न की मांग [wpse_comments_template]
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